KHABAR BITE की महत्वपूर्ण खबरों और अपडेट के लिए जुड़े रहें
Bite Size News, Right Size Information
👤
BREAKING NEWS
AI के दौर में क्यों परेशान हैं भारत के युवा? रोहन मय्या ने बताई बदलती नौकरी की असली तस्वीरPM Kisan 24वीं किस्त से पहले 4 बड़े अपडेट, किसान तुरंत करें ये कामInshallah की फिर होगी शुरुआत? Love & War के बाद Alia Bhatt और Sanjay Leela Bhansali की जोड़ी मचा सकती है धमालRuthless West Indies Women ने Zimbabwe को रौंदा, 1-0 से सीरीज में बढ़तपंचायत चुनाव की घोषणा के साथ जिले में आचार संहिता लागू, बैठक कलबीजेपी समर्थक परिवार से निकलीं, JNU में बनीं वामपंथी छात्र आंदोलन का चेहरा, कौन हैं नेहा बोरा?Sensex 473 अंक चढ़ा, Nifty 22,550 के पार: कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से शेयर बाजार को मिली राहत6 या 7 अक्टूबर? इंदिरा एकादशी की सही तारीख जानिए, पितरों के लिए क्यों खास है ये व्रतखतरों के खेल का किंग बना ये टीवी स्टार, अविनाश मिश्रा ने जीती Khatron Ke Khiladi 15 की ट्रॉफीसंजय दत्त के ‘शांति’ वाले बयान ने मचाई हलचल, मुन्ना भाई बनकर देश और राजनीति पर यूं साधा निशाना
ट्रेंडिंग न्यूज़

BRICS Summit 2026: दिल्ली में स्कूल-दफ्तर बंद, ट्रैफिक से सुरक्षा तक जानिए पूरी तैयारी

By Aarti Mishra · Published 11 Sep 2026, 09:05 · Updated 14 Sep 2026, 15:42

नई दिल्ली इस समय एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तैयारी में है। भारत की मेजबानी में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। दुनिया के कई बड़े नेता इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए राजधानी पहुंच रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई महत्वपूर्ण नेताओं की मौजूदगी के कारण इस सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर है।

लेकिन BRICS Summit सिर्फ अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक सीमित नहीं है। इसका असर दिल्ली के आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई दे रहा है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और 11 सितंबर को दिल्ली में सरकारी दफ्तरों और स्कूलों के लिए छुट्टी घोषित की गई है। 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार होने के कारण दिल्ली के कई लोगों के लिए लगातार तीन दिन का ब्रेक बन गया है।

BRICS Summit आखिर है क्या?

BRICS दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक महत्वपूर्ण समूह है। इसकी शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ हुई थी। बाद में दक्षिण अफ्रीका इसमें शामिल हुआ। पिछले कुछ वर्षों में BRICS का तेजी से विस्तार हुआ और अब इसमें कई नए सदस्य देश भी शामिल हैं।

BRICS का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, तकनीकी और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना है। आज यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था और ग्लोबल साउथ की आवाज के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इसी वजह से इस साल का शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।

दिल्ली में 12-13 सितंबर को बड़ा आयोजन

BRICS का मुख्य Leaders’ Summit 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होगा। इसके लिए राजधानी में कई दिनों से तैयारियां चल रही हैं। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आने-जाने और VVIP काफिलों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से 11 से 13 सितंबर के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है। कई प्रमुख सड़कों पर जरूरत के अनुसार ट्रैफिक रोका या डायवर्ट किया जा सकता है।

रिपोर्टों के अनुसार 35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है और 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं। खासकर सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले रास्तों पर लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।

दिल्ली में छुट्टी क्यों घोषित की गई?

BRICS Summit के दौरान विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही काफी ज्यादा रहने वाली है। सुरक्षा कारणों से कई इलाकों में ट्रैफिक को नियंत्रित करना पड़ेगा। इसी वजह से दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार ने 11 सितंबर को सरकारी कार्यालयों के लिए छुट्टी घोषित की है।

दिल्ली सरकार के आदेश के अनुसार 11 सितंबर 2026 को दिल्ली सरकार के सभी सरकारी कार्यालय, स्वायत्त संस्थान और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बंद रहेंगे। केंद्र सरकार के दिल्ली और नई दिल्ली स्थित कार्यालय भी उस दिन बंद रहेंगे।

दिल्ली के स्कूलों के लिए भी 11 सितंबर को छुट्टी घोषित की गई है। इसमें सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी स्कूल शामिल हैं। शिक्षा निदेशालय ने BRICS Summit की तैयारियों और शहर में सुरक्षा-व्यवस्था को देखते हुए यह फैसला लिया है।

क्या दिल्ली में तीन दिन की छुट्टी है?

यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। इसका जवाब थोड़ा समझना जरूरी है।

11 सितंबर शुक्रवार को घोषित सरकारी छुट्टी है। इसके बाद 12 सितंबर शनिवार और 13 सितंबर रविवार है।

यानी स्कूलों और कई सरकारी कर्मचारियों के लिए लगातार तीन दिनों का ब्रेक बन रहा है। लेकिन इसे तीन दिन की अलग-अलग सरकारी छुट्टी नहीं कहा जाएगा। आधिकारिक तौर पर BRICS के कारण घोषित अतिरिक्त छुट्टी 11 सितंबर की है, जबकि 12 और 13 सितंबर पहले से वीकेंड हैं।

ट्रैफिक पर कितना असर पड़ेगा?

BRICS Summit के दौरान दिल्ली में सबसे ज्यादा असर ट्रैफिक पर देखने को मिल सकता है। विदेशी नेताओं के काफिले एयरपोर्ट, होटल और सम्मेलन स्थल के बीच आवाजाही करेंगे। VVIP मूवमेंट के दौरान कुछ रास्तों पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को विशेष रूप से पहले निकलने की सलाह दी गई है।

ऐसे समय में दिल्ली मेट्रो को भी अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि सड़क पर VVIP काफिलों के कारण अचानक ट्रैफिक डायवर्ट हो सकता है।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

BRICS Summit में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और बड़े प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं। इसलिए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर की गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है।

भारत मंडपम, प्रमुख होटल, एयरपोर्ट और VVIP रूट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को आपस में जोड़कर काम कर रही है ताकि विदेशी मेहमानों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात पर भी नजर

इस सम्मेलन का एक बड़ा राजनीतिक पहलू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात है।

गलवान घाटी की घटना के बाद भारत और चीन के रिश्तों में काफी तनाव रहा है। पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच बातचीत और संबंध सुधारने की कोशिशें हुई हैं। ऐसे में BRICS Summit दोनों नेताओं को आमने-सामने बातचीत का एक महत्वपूर्ण अवसर दे सकता है।

शी जिनपिंग की भारत यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह कई वर्षों बाद भारत आ रहे हैं।

मोदी-पुतिन मुलाकात भी अहम

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं।

मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दोनों देशों के बीच बातचीत खास महत्व रखती है। BRICS के मंच पर होने वाली चर्चा के अलावा प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत पर भी नजर रहेगी।

इस बार किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

BRICS Summit में सिर्फ राजनीति पर बात नहीं होगी। आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्लोबल साउथ, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

भारत की कोशिश है कि BRICS देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत किया जाए। डिजिटल पेमेंट और नई तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकता है।

इसके अलावा दुनिया में चल रहे संघर्षों और उनके कारण पैदा हुई ऊर्जा तथा सप्लाई चेन की चुनौतियां भी चर्चा का हिस्सा बन सकती हैं। खासकर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति ने BRICS देशों के सामने नई कूटनीतिक चुनौती खड़ी की है।

आम लोगों के लिए क्या जरूरी है?

11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली में रहने या आने-जाने वाले लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। अगर किसी को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, अस्पताल या किसी जरूरी काम से जाना है तो यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलना बेहतर रहेगा।

नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक प्रतिबंध और सुरक्षा जांच हो सकती है। इसलिए बिना जरूरत संवेदनशील और VVIP रूट पर जाने से बचना बेहतर होगा।

कनॉट प्लेस जैसे प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद नहीं हैं। हालांकि वहां पहुंचने में ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण परेशानी हो सकती है।

भारत के लिए क्यों बड़ा मौका है BRICS Summit?

BRICS Summit भारत के लिए सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं है। यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका दिखाने का भी अवसर है।

भारत एक तरफ अमेरिका और यूरोप जैसे देशों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है, तो दूसरी तरफ रूस, चीन और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ भी संवाद बनाए हुए है। BRICS भारत को इसी संतुलित विदेश नीति को आगे बढ़ाने का मंच देता है।

नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में BRICS की भूमिका को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है।

कुल मिलाकर 12 और 13 सितंबर को होने वाला BRICS Summit 2026 भारत के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, लेकिन इसका असर दिल्ली की आम जिंदगी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 11 सितंबर को सरकारी दफ्तरों और स्कूलों की छुट्टी, उसके बाद शनिवार और रविवार होने के कारण कई लोगों को लगातार तीन दिन का ब्रेक मिलेगा। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और VVIP मूवमेंट के कारण दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन और प्रतिबंध देखने को मिलेंगे।

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि नई दिल्ली में होने वाले इस सम्मेलन से भारत की कूटनीति, BRICS के भविष्य और वैश्विक राजनीति को किस दिशा में नया संदेश मिलता है।