PM Modi का Vocal for Local पर बड़ा जोर, त्योहारों में Swadeshi Products खरीदने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से ‘Vocal for Local’ को अपनाने और भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की है। 30 अगस्त 2026 को प्रसारित ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने आगामी त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि खरीदारी करते समय लोगों को यह जरूर…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से ‘Vocal for Local’ को अपनाने और भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की है। 30 अगस्त 2026 को प्रसारित ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में प्रधानमंत्री ने आगामी त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि खरीदारी करते समय लोगों को यह जरूर देखना चाहिए कि सामान भारत में बना हुआ हो।प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल मिट्टी के दीये या पारंपरिक सामान खरीदने तक सीमित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘Vocal for Local’ का विजन काफी बड़ा है और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत में बने उत्पादों पर गर्व करना जरूरी है।त्योहारों के मौसम में PM Modi ने दोहराया Vocal for Local का संदेशभारत में त्योहारों का मौसम खरीदारी और बाजार की गतिविधियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्थानीय उत्पादों और भारतीय निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में कहा कि त्योहारों के मौसम में लोगों को अपने घर के लिए सामान खरीदते समय एक बार जरूर देखना चाहिए कि वह भारत में बना है या नहीं। उनके अनुसार, भारत के आत्मनिर्भर बनने का रास्ता देश में बनी चीजों पर गर्व करने से मजबूत होगा।यह अपील स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों, कारीगरों, शिल्पकारों और भारतीय निर्माताओं के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।‘Vocal for Local’ का मतलब सिर्फ मिट्टी के दीये खरीदना नहींप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में खास तौर पर यह स्पष्ट किया कि Vocal for Local को केवल मिट्टी के दीये खरीदने तक सीमित नहीं समझना चाहिए।इस अभियान का व्यापक उद्देश्य भारतीय उत्पादों, स्थानीय कारोबार और देश की उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देना है। इसका संबंध उन लाखों लोगों से भी है जो छोटे व्यवसाय, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, निर्माण और स्थानीय व्यापार के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं।यदि ग्राहक भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं, तो स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ सकती है। इससे छोटे कारोबारियों और निर्माताओं को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा है Vocal for LocalVocal for Local और आत्मनिर्भर भारत एक-दूसरे से जुड़े हुए विचार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के वर्षों में कई मौकों पर देश की घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया है।15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में भी प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत को विकसित भारत की यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताया और Make in India तथा Vocal for Local को इसी सोच से जोड़ा।इसका उद्देश्य भारत को केवल एक बड़ा बाजार बनाने के बजाय उत्पादन, तकनीक, नवाचार और उद्योग के क्षेत्र में मजबूत बनाना है।स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों को मिलेगा लाभभारत के अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में कारीगर और शिल्पकार पारंपरिक उत्पाद तैयार करते हैं। इनमें कपड़ा, हस्तशिल्प, मिट्टी के उत्पाद, सजावटी सामान, खिलौने और अन्य स्थानीय वस्तुएं शामिल हैं।प्रधानमंत्री ने अपने हालिया ‘मन की बात’ संबोधन में कारीगरों, शिल्पकारों और विश्वकर्मा साथियों के सम्मान की बात भी की। उन्होंने त्योहारों को इन मेहनतकश लोगों को प्रोत्साहित करने का अवसर बताया।स्थानीय उत्पादों की खरीद बढ़ने से इन क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को बाजार मिल सकता है और पारंपरिक हुनर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।Influencers और Celebrities से भी PM Modi की अपीलआज सोशल मीडिया लोगों की खरीदारी और पसंद को प्रभावित करने वाला बड़ा माध्यम बन चुका है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने creative world से जुड़े लोगों, influencers और celebrities से भी Vocal for Local को बढ़ावा देने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि इन लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है और उन्हें खुद भी Vocal for Local अपनाना चाहिए तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।इसका मतलब है कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का अभियान केवल सरकार या संस्थाओं तक सीमित नहीं है। आम नागरिक, सोशल मीडिया क्रिएटर और सार्वजनिक हस्तियां भी इसमें भूमिका निभा सकती हैं।‘लोकल’ से ‘ग्लोबल’ तक पहुंचने का रास्ताभारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने का उद्देश्य केवल घरेलू बाजार तक सीमित रहना नहीं है। यदि भारतीय उत्पाद गुणवत्ता, डिजाइन, कीमत और पैकेजिंग के स्तर पर वैश्विक बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं, तो वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी जगह बना सकते हैं।यही कारण है कि Make in India, आत्मनिर्भर भारत और Vocal for Local को व्यापक आर्थिक बदलाव से जोड़कर देखा जाता है।प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में भी भारत की उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा था।ZEN-G की भूमिका भी अहमVocal for Local को आगे बढ़ाने में ZEN-G की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। ZEN-G सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए स्थानीय ब्रांड, कारीगरों और भारतीय उत्पादों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकता है।इसके अलावा ZEN-G स्वयं भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर और उनका प्रचार करके इस अभियान में योगदान दे सकता है।डिजिटल माध्यमों के विस्तार ने छोटे कारोबारियों के लिए अपने उत्पादों को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना आसान बनाया है। ऐसे में ‘लोकल’ उत्पादों के लिए संभावित बाजार पहले की तुलना में काफी बड़ा हो गया है।खरीदारी के फैसले से मजबूत हो सकती है स्थानीय अर्थव्यवस्थाकिसी व्यक्ति की खरीदारी का फैसला छोटा लग सकता है, लेकिन करोड़ों उपभोक्ताओं के सामूहिक फैसले का अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।यदि त्योहारों के दौरान लोग भारतीय निर्मित सामान को प्राथमिकता देते हैं, तो इसका लाभ स्थानीय दुकानदारों, निर्माताओं, कारीगरों और छोटे कारोबारियों तक पहुंच सकता है।इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे खरीदारी करते समय उत्पाद के निर्माण स्थान पर भी ध्यान दें और जहां संभव हो, भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता दें।क्यों महत्वपूर्ण है PM Modi का ताजा संदेश?प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब देश में त्योहारों की तैयारियां शुरू हो रही हैं। त्योहारों के दौरान बाजार में खरीदारी बढ़ती है और ऐसे समय में स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ाने का अवसर भी रहता है।Vocal for Local को बढ़ावा देने से एक तरफ जहां भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ सकती है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार पहुंच बेहतर करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य से भी जुड़ी हुई है।
