सबके लिए शिक्षा- एक स्वप्न जो अभी अधूरा है
जब तक समाज का अन्तिम बालक अशिक्षित है, तब तक हमारी शिक्षा व्यवस्था सम्पूर्ण नहीं कही जा सकती विशेष संवाददाता | नई दिल्ली प्रकाशन तिथि : अगस्त 2026 जब महात्मा ज्योतिबा फुले ने एक सौ पचास वर्ष से भी पहले कहा था — ‘विद्या बिना मति गई, मति बिना नीति गई, नीति बिना गति गई’…
