PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल 17 सितंबर से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, देशभर में होंगे कई कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। यह अभियान 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है, जबकि 7 अक्टूबर 2026…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी देशभर में एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। यह अभियान 17 सितंबर 2026 से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है, जबकि 7 अक्टूबर 2026 को उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर सक्रिय संवैधानिक शासन की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात में मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 साल तक काम किया और मई 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। 2014 के बाद से वह लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
एक महीने तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 9 सितंबर को नई दिल्ली में अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना है।
अभियान की शुरुआत सेवा और सामाजिक भागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों के साथ होगी। इनमें रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम, प्रदर्शनी, सेमिनार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सहायता गतिविधियां शामिल हैं।
17 सितंबर को ‘सेवा दिवस’ के रूप में कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को अभियान के तहत कई विशेष कार्यक्रम होंगे। देशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जाने की योजना है। इसके अलावा शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों द्वारा दीप जलाने की योजना है।
इस दौरान सामाजिक सेवा से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पार्टी की ओर से लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि अभियान को केवल राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय सेवा और जनसंपर्क से जोड़कर आगे बढ़ाया जा सके।
‘विकसित भारत’ पर भी रहेगा फोकस
सेवा संकल्प अभियान में युवाओं और विद्यार्थियों को भी जोड़ने की योजना है। ‘विकसित भारत 2047’ जैसे विषयों पर स्कूलों में भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक और अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों के जरिए सरकार की योजनाओं और विकास से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
युवाओं को इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश के भविष्य को लेकर युवाओं की सोच और उनकी भागीदारी को सामने लाना भी बताया गया है।
7 अक्टूबर को पूरा होगा 25 साल का सफर
7 अक्टूबर 2026 इस पूरे अभियान की दृष्टि से महत्वपूर्ण तारीख होगी। इसी दिन 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसलिए इस तारीख को उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस मौके पर ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है। पार्टी के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य गांवों से लेकर शहरों तक लोगों को अभियान से जोड़ना और प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन की यात्रा को जनता के बीच प्रस्तुत करना है।
वडनगर से वाराणसी तक दिखेगी यात्रा की झलक
सेवा संकल्प अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर से जुड़े दो महत्वपूर्ण स्थान—वडनगर और वाराणसी—भी चर्चा में रहेंगे। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र रहा है।
बीजेपी की योजना के अनुसार, इन दोनों स्थानों को जोड़ते हुए विशेष कार्यक्रम और यात्राएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे स्थानों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा, जिन्हें पार्टी प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हुए बदलाव और विकास से जोड़कर देखती है।
सोशल मीडिया और डिजिटल क्रिएटर्स भी होंगे शामिल
आज के दौर में किसी भी बड़े जन-अभियान में सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। सेवा संकल्प अभियान में भी डिजिटल क्रिएटर्स, ब्लॉगर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को शामिल करने की योजना है।
‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत लगभग 50 ऐसे स्थानों की पहचान करने की बात सामने आई है, जिन्हें पार्टी ‘परिवर्तनकारी स्थल’ के तौर पर प्रस्तुत करेगी। डिजिटल क्रिएटर्स इन स्थानों का दौरा कर वहां हुए बदलावों को अपने प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंचाएंगे।
इसमें गुजरात का GIFT City, बस्तर और कई अन्य विकास एवं नवाचार केंद्रों को उदाहरण के तौर पर शामिल किया जा रहा है।
सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर जोर
अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सरकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी होगा। सेवा से जुड़े शिविरों के जरिए जरूरतमंद लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ लेने में सहायता देने की योजना है।
इस तरह के कार्यक्रमों में स्वास्थ्य, पेंशन, महिला सुरक्षा, पानी बचाने, स्वच्छता और अन्य जनकल्याण से जुड़े विषयों को शामिल किया जा सकता है।
बिहार में भी होंगे कई कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को लेकर बिहार में भी महीने भर कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। बिहार बीजेपी ने रक्तदान शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी है।
बिहार में 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके तहत सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों द्वारा अपने घरों में दीप जलाने की योजना है।
25 साल की राजनीतिक यात्रा पर नजर
नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा गुजरात के मुख्यमंत्री पद से शुरू होकर देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंची। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और प्रभाव और बढ़ा।
2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद उन्होंने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इस तरह 2026 में उनका सार्वजनिक जीवन एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रहा है।
क्या संदेश देना चाहती है बीजेपी?
‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर को ‘सेवा और राष्ट्र निर्माण’ के नजरिए से जनता के सामने रखने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह अभियान केवल उपलब्धियों को बताने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर देगा।
हालांकि, किसी भी बड़े राजनीतिक अभियान की तरह इसका राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में जब देश में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हैं, एक महीने तक चलने वाला यह अभियान बीजेपी के जनसंपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होना भारतीय राजनीति की एक महत्वपूर्ण घटना है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई उनकी संवैधानिक राजनीतिक यात्रा 2014 में देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंची और 2026 में 25 साल पूरे कर रही है।
17 सितंबर से शुरू होने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ इस यात्रा को जनता के बीच ले जाने का एक बड़ा प्रयास होगा। रक्तदान से लेकर स्वच्छता अभियान, युवा कार्यक्रम, सरकारी योजनाओं से जुड़े शिविर और डिजिटल गतिविधियों तक कई कार्यक्रम इसके हिस्से होंगे। अब देखना होगा कि एक महीने तक चलने वाला यह अभियान किस तरह जनता की भागीदारी हासिल करता है और प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को किस रूप में देश के सामने प्रस्तुत करता है।
