अस्पताल के मलबे से निकाले गए थे मुजतबा खामेनेई! ईरानी नेता के दावे से फिर गरमाया मामला, ट्रंप के बयान से भी जुड़ी कड़ी

ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई को लेकर एक नया दावा सामने आया है, जिसने कई महीनों से जारी उनकी सेहत और सार्वजनिक रूप से सामने न आने की चर्चा को फिर तेज कर दिया है। ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य मोहसिन हैदरी ने दावा किया है कि फरवरी में अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान घायल होने के बाद मुजतबा खामेनेई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद जिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, वह भी हमले की चपेट में आ गया और मुजतबा को अस्पताल के मलबे से जिंदा बाहर निकाला गया। यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब मुजतबा खामेनेई की वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति को लेकर लंबे समय से अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके गंभीर रूप से घायल होने की बात कही है, वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हाल ही में कहा कि मुजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्होंने उनसे व्यक्तिगत मुलाकात भी की है। ऐसे में अस्पताल के मलबे से निकाले जाने का दावा इस पूरे मामले में एक नया पहलू जोड़ता है।
28 फरवरी के हमले में घायल होने का दावा
मोहसिन हैदरी के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को हुए हमलों में मुजतबा खामेनेई घायल हुए थे। यह वही हमला था जिसमें उनके पिता और ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई थी। इसके बाद मुजतबा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
हैदरी ने कतर के टीवी नेटवर्क अल अरबी को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि मुजतबा के अस्पताल पहुंचने के बाद भी तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक, मुजतबा तीसरे अस्पताल में मौजूद थे और उस अस्पताल पर हमला होने के बाद उन्हें मलबे के नीचे से निकाला गया।
हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इसलिए अस्पताल से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम को फिलहाल एक ईरानी नेता के दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
मुजतबा खामेनेई की सेहत पर पहले भी उठे सवाल
मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर पिछले कई महीनों से लगातार अटकलें लगती रही हैं। फरवरी के हमलों के बाद उनके सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के कारण उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठे। अगस्त में रॉयटर्स ने भी रिपोर्ट किया था कि मुजतबा लंबे समय से सार्वजनिक दृश्य से बाहर हैं और उनकी स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। अमेरिका की ओर से भी उनके गंभीर रूप से घायल होने के दावे किए गए। हालिया बयानों में ट्रंप ने कहा कि मुजतबा की हालत बहुत खराब थी और उनके शरीर के बाएं हिस्से को गंभीर नुकसान पहुंचा था। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मुजतबा की मौत हुई है। यही वजह है कि अब अस्पताल के मलबे से बचाए जाने का दावा सामने आने के बाद फरवरी के हमले से जुड़े घटनाक्रम को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है।
ईरान के राष्ट्रपति ने बताया- मुजतबा पूरी तरह स्वस्थ
दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मुजतबा खामेनेई की खराब सेहत से जुड़े दावों को खारिज किया है। हाल ही में एक अमेरिकी टीवी नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में पेजेशकियन ने कहा कि मुजतबा की सेहत को लेकर कोई विशेष समस्या नहीं है और वह चिकित्सकीय रूप से पूरी तरह स्वस्थ हैं।
पेजेशकियन ने यह भी कहा कि उन्होंने मुजतबा खामेनेई से दो बार मुलाकात की है। इनमें से एक मुलाकात सात घंटे से ज्यादा चली थी। उनके मुताबिक, इतनी लंबी बातचीत से यह संकेत मिलता है कि मुजतबा सामान्य रूप से बातचीत करने और देश के मामलों पर चर्चा करने की स्थिति में हैं।
पेजेशकियन ने यह भी कहा कि मुजतबा के चेहरे और पैरों में आई चोटें ठीक हो चुकी हैं। हालांकि, मुजतबा की सार्वजनिक अनुपस्थिति के कारण उनकी स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल अभी भी बने हुए हैं।
ट्रंप और ईरान के बयानों में अंतर
मुजतबा की स्थिति को लेकर सामने आए बयानों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से उन्हें गंभीर रूप से घायल बताया गया है, जबकि ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन उन्हें पूरी तरह स्वस्थ बता रहे हैं। अब मोहसिन हैदरी का अस्पताल के मलबे से निकाले जाने वाला दावा इस मामले में एक और जानकारी जोड़ता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हैदरी ने यह जानकारी एक इंटरव्यू में दी है और इसके समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित तस्वीर, वीडियो या अस्पताल संबंधी दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट रूप से कहना संभव नहीं है कि अस्पताल पर हमले और मुजतबा को मलबे से निकाले जाने की पूरी घटना वास्तव में किस तरह हुई थी।
महीनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए मुजतबामुजतबा
खामेनेई की सबसे बड़ी चर्चा उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर रही है। उनके नेतृत्व की घोषणा के बाद भी वह सार्वजनिक मंचों पर दिखाई नहीं दिए। इससे उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और ईरान के शासन में उनकी वास्तविक भूमिका को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुईं।हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वह देश के फैसलों में भूमिका निभा रहे हैं। सितंबर में पेजेशकियन ने भी उनके साथ अपनी मुलाकात का दावा किया और कहा कि वह देश के मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसे में अस्पताल के मलबे से बचाए जाने का नया दावा निश्चित तौर पर इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बनाता है, लेकिन इसके वास्तविक तथ्य सामने आने के लिए स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार करना होगा।
क्या है पूरा मामला?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम को इस तरह समझा जा सकता है:
28 फरवरी 2026: अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की रिपोर्ट सामने आई और मुजतबा के घायल होने के दावे हुए।
मार्च 2026: मुजतबा खामेनेई को ईरान का सर्वोच्च नेता चुना गया।
बाद के महीनों में: उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर लगातार अटकलें जारी रहीं।
सितंबर 2026: मोहसिन हैदरी ने दावा किया कि मुजतबा को एक बमबारी वाले अस्पताल के मलबे से निकाला गया था।
हालिया बयान: राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि मुजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्होंने उनसे सात घंटे से अधिक समय तक मुलाकात की थी।
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अस्पताल के मलबे से निकाले जाने वाला दावा अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है, जबकि मुजतबा की सेहत को लेकर अमेरिकी और ईरानी पक्षों के बयान एक-दूसरे से काफी अलग हैं। इसलिए आने वाले दिनों में मुजतबा खामेनेई की सार्वजनिक उपस्थिति या आधिकारिक तौर पर जारी होने वाली विश्वसनीय जानकारी इस विवाद को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।