UPTET 2026 को लेकर बड़ा फैसला, OMR रिजेक्शन और नॉर्मलाइजेशन पर आयोग ने साफ किया रुख….

UPTET 2026 Update: The commission has rejected requests to revise marks over OMR errors and normalization.
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी UPTET 2026 के रिजल्ट को लेकर चल रहा विवाद अब काफी हद तक साफ हो गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपने अंकों और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर आयोग के सामने प्रत्यावेदन भेजे थे। इनमें OMR शीट रिजेक्ट होने, नॉर्मलाइजेशन के बाद अंक कम होने और आंसर की के आधार पर कम अंक मिलने जैसी शिकायतें शामिल थीं।
इन शिकायतों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने समिति गठित की थी। समिति की जांच के बाद आयोग ने 16 सितंबर 2026 को अपना फैसला जारी किया। आयोग ने OMR में हुई गलती, नॉर्मलाइजेशन और आंसर की के आधार पर अंकों में बदलाव की मांग स्वीकार नहीं की है। वहीं, सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में कुछ व्यक्तिगत जानकारियां गलत होने पर सुधार की अनुमति दी गई है।
रिजल्ट के बाद क्यों उठे सवाल?
UPTET 2026 की परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को अलग-अलग पालियों में आयोजित की गई थी। इसके बाद 26 अगस्त 2026 को परीक्षा का परिणाम जारी हुआ।
रिजल्ट सामने आने के बाद कई अभ्यर्थियों ने शिकायत की कि उनकी OMR शीट का मूल्यांकन नहीं किया गया। कुछ अभ्यर्थियों का कहना था कि OMR में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका संख्या से जुड़े गोले भरने में गलती के कारण उनका परिणाम प्रभावित हुआ।
दूसरी तरफ कुछ अभ्यर्थियों ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सामान्यीकरण के बाद उनके अंक कम हो गए और कुछ उम्मीदवार बहुत कम अंतर से असफल रह गए।
इसके अलावा आंसर की के आधार पर तैयार किए गए अंकों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने प्रत्यावेदन दिए। इन सभी मामलों की जांच के बाद आयोग ने अब अलग-अलग श्रेणियों में अपना निर्णय दिया है।
करीब 72 हजार प्रत्यावेदनों पर आया फैसला
आयोग के अनुसार करीब 72 हजार प्रत्यावेदनों की जांच की गई। इनमें से 71 हजार से ज्यादा प्रत्यावेदन स्वीकार नहीं किए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक केवल करीब 500 से 700 सफल अभ्यर्थियों के ऐसे मामले स्वीकार किए गए, जिनके परीक्षा परिणाम प्रमाण पत्र में व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ी गलतियां थीं। इनमें नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि और वर्ग जैसी जानकारी शामिल है।
यहां एक जरूरी बात यह भी है कि रिजल्ट के बाद आयोग को कुल मिलाकर इससे कहीं अधिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं। 12 सितंबर की रिपोर्टों में लगभग 1.25 लाख आपत्तियां मिलने की जानकारी सामने आई थी। कई उम्मीदवारों ने एक से अधिक माध्यम या एक से अधिक बार प्रत्यावेदन भेजे थे, इसलिए कुल प्राप्त आपत्तियों और जांच के लिए अलग-अलग माने गए प्रत्यावेदनों की संख्या में अंतर हो सकता है।
चार श्रेणियों में बांटी गईं शिकायतें
समिति ने अभ्यर्थियों की शिकायतों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में रखा था।
पहली श्रेणी में OMR शीट में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक के गोले गलत भरने या नहीं भरने से जुड़े मामले थे।
दूसरी श्रेणी में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के बाद कम अंक मिलने की शिकायतें शामिल थीं।
तीसरी श्रेणी में आंसर की के आधार पर कम अंक मिलने की आपत्तियां थीं।
चौथी श्रेणी में सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि या वर्ग से संबंधित गलतियां शामिल थीं।
आयोग ने चारों श्रेणियों की अलग-अलग जांच के बाद फैसला सुनाया।
OMR शीट रिजेक्ट होने पर नहीं बदलेगा रिजल्ट
OMR से जुड़े मामलों में आयोग ने अभ्यर्थियों को राहत नहीं दी है।
आयोग के मुताबिक परीक्षा से पहले ही OMR भरने से संबंधित जरूरी निर्देश अभ्यर्थियों को कई माध्यमों से दिए गए थे। इसमें विज्ञापन, प्रवेश पत्र, OMR शीट और परीक्षा कक्ष में कक्ष निरीक्षक के माध्यम से दिए गए निर्देश शामिल थे।
अभ्यर्थियों को बताया गया था कि अनुक्रमांक और प्रश्न पुस्तिका संख्या से जुड़े गोले निर्धारित तरीके से भरने जरूरी हैं। अगर इन जानकारियों को गलत भरा जाता है या गोले खाली छोड़ दिए जाते हैं, तो OMR का मूल्यांकन प्रभावित हो सकता है।
आयोग ने कहा कि मूल्यांकन और स्कोर प्रोसेसिंग की प्रक्रिया ऑटोमेटेड है। इसलिए OMR भरने में हुई गलती के आधार पर बाद में व्यक्तिगत रूप से स्कोर बदलने की मांग स्वीकार नहीं की गई।
नॉर्मलाइजेशन के बाद कम हुए अंक तो भी बदलाव नहीं
UPTET 2026 का आयोजन कई दिनों और पालियों में हुआ था। ऐसे में अलग-अलग प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर को ध्यान में रखते हुए नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया।
कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया कि नॉर्मलाइजेशन के बाद उनके अंक कम हो गए। कई उम्मीदवारों ने आयोग से अपने मूल अंकों को मान्य करने या नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में बदलाव की मांग की।
आयोग ने इस मांग को भी स्वीकार नहीं किया।
आयोग के अनुसार परीक्षा से पहले ही विज्ञप्ति में यह बताया गया था कि एक से अधिक दिन या पालियों में परीक्षा होने की स्थिति में तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू होगी।
आयोग ने कहा कि अलग-अलग पालियों के प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर की तुलना के लिए सॉफ्टवेयर आधारित वैज्ञानिक प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया। इसलिए नॉर्मलाइजेशन के कारण अंक कम या ज्यादा होने को अपने आप में प्रक्रिया की गलती नहीं माना गया।
आंसर की के आधार पर भी नहीं बदले जाएंगे अंक
तीसरी श्रेणी में उन अभ्यर्थियों की शिकायतें थीं जिन्हें आंसर की के आधार पर उम्मीद से कम अंक मिले थे।
अभ्यर्थियों ने अपने स्कोर में बदलाव की मांग की थी। लेकिन आयोग ने इस श्रेणी में भी राहत नहीं दी।
इसका मतलब है कि केवल इस आधार पर कि किसी उम्मीदवार को अपनी गणना के अनुसार ज्यादा अंक मिलने चाहिए थे, UPTET 2026 के मौजूदा स्कोर में बदलाव नहीं किया जाएगा।
प्रमाण पत्र में गलती है तो मिलेगी राहत
पूरे मामले में सफल अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है।
अगर किसी सफल अभ्यर्थी के UPTET प्रमाण पत्र में नाम, पिता या पति का नाम, जन्मतिथि या वर्ग गलत दर्ज है, तो उसमें सुधार कराया जा सकेगा।
आयोग ने ऐसे मामलों को स्वीकार करते हुए ऑनलाइन सुधार की सुविधा देने का फैसला किया है। इसके लिए आयोग के पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए जाएंगे और प्रक्रिया पूरी होने के बाद संशोधित प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
अभी ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए संबंधित अभ्यर्थियों को आयोग की अगली आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
UPTET 2026 में कितने अभ्यर्थी सफल हुए?
UPTET 2026 के परिणाम में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्तरों को मिलाकर 13.3 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी सफल हुए थे।
प्राथमिक स्तर पर 7,13,648 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें 5,71,435 अभ्यर्थी सफल हुए। वहीं उच्च प्राथमिक स्तर पर 10,57,021 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 7,59,513 उम्मीदवार सफल रहे।
इस तरह बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के लिए रिजल्ट और प्रमाण पत्र से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण है।
अब अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?
जिन अभ्यर्थियों ने OMR रिजेक्शन, नॉर्मलाइजेशन या आंसर की के आधार पर अंक बढ़ाने की मांग की थी, उन्हें आयोग के ताजा फैसले को ध्यान में रखना होगा। इन तीनों श्रेणियों में अंकों या नॉर्मलाइज्ड स्कोर में बदलाव की मांग स्वीकार नहीं की गई है।
वहीं प्रमाण पत्र में व्यक्तिगत जानकारी की गलती वाले सफल उम्मीदवारों को ऑनलाइन सुधार प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करना चाहिए।
सुधार का लिंक जारी होने के बाद आवेदन करते समय सही दस्तावेज और सही जानकारी का इस्तेमाल करना जरूरी होगा। नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारी भरते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए, ताकि दोबारा गलती न हो।
आगे क्या होगा?
UPTET 2026 के रिजल्ट से जुड़ी OMR, नॉर्मलाइजेशन और आंसर की वाली शिकायतों पर आयोग ने अपना फैसला स्पष्ट कर दिया है। अब इन मामलों में मौजूदा परिणाम में बदलाव की मांग स्वीकार नहीं की गई है।
दूसरी ओर, सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में व्यक्तिगत विवरण की गलती सुधारने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे आगे की जानकारी के लिए UPESSC की आधिकारिक सूचना देखते रहें और सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के बजाय आयोग के नोटिस को आधार मानें।
UPTET 2026 के रिजल्ट को लेकर चल रही शिकायतों पर आयोग के फैसले से स्थिति अब काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। OMR में गलती, नॉर्मलाइजेशन के बाद कम अंक और आंसर की के आधार पर स्कोर बदलने की मांग स्वीकार नहीं की गई है। वहीं सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र में नाम, जन्मतिथि, पिता/पति का नाम या वर्ग से जुड़ी गलती सुधारने का मौका मिलेगा।
अब नजर आयोग की उस अगली सूचना पर है, जिसमें प्रमाण पत्र सुधार के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और तारीख की जानकारी दी जाएगी।