बिहार DGP का प्रभार संभालते ही चर्चा में आईं IPS प्रीता वर्मा, जानिए कौन हैं और कौन-सा बड़ा सम्मान मिला

Senior IPS officer Preeta Verma has taken additional charge of Bihar DGP during the leave of DGP Vinay Kumar.
बिहार पुलिस में इस समय बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। राज्य के मौजूदा DGP विनय कुमार के 21 दिनों की छुट्टी पर जाने के बाद वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। गृह विभाग की ओर से जारी व्यवस्था के मुताबिक वह 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक DGP की जिम्मेदारी संभालेंगी। इस दौरान वह अपने मौजूदा पद का काम भी देखती रहेंगी।
प्रीता वर्मा के नाम की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि वह बिहार कैडर की 1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं। उनके पुलिस करियर को तीन दशक से ज्यादा का समय हो चुका है। इसके अलावा उन्हें 2009 में Police Medal for Meritorious Service और 2023 में President’s Police Medal for Distinguished Service से सम्मानित किया जा चुका है।
कौन हैं IPS प्रीता वर्मा?
प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी हैं। भारत सरकार की आधिकारिक IPS Civil List के अनुसार उनका जन्म 1 जुलाई 1968 को हुआ था। उनकी शैक्षणिक योग्यता B.A. दर्ज है और उन्होंने 11 अक्टूबर 1992 को भारतीय पुलिस सेवा जॉइन की थी। आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका होम स्टेट राजस्थान दर्ज है।
पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने बिहार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। लंबे अनुभव के कारण वह राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। उनके करियर में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ प्रशिक्षण और विभिन्न विभागों में वरिष्ठ स्तर की जिम्मेदारियां भी शामिल रही हैं।
अब DGP विनय कुमार की गैरमौजूदगी में उन्हें राज्य पुलिस मुख्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कैसे मिली DGP की जिम्मेदारी?
बिहार के DGP विनय कुमार 15 सितंबर 2026 से 5 अक्टूबर 2026 तक 21 दिनों की छुट्टी पर हैं। उनकी अनुपस्थिति में पुलिस विभाग के शीर्ष पद का कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए सरकार ने प्रीता वर्मा को अतिरिक्त प्रभार दिया है।
प्रीता वर्मा इस समय DG-cum-Commandant General, Home Guard and Fire Services, Bihar की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। DGP का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद भी वह अपने मौजूदा विभाग की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी।
यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि प्रीता वर्मा को स्थायी DGP नियुक्त नहीं किया गया है। उन्हें केवल विनय कुमार की छुट्टी की अवधि में DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विनय कुमार के वापस लौटने के बाद यह अतिरिक्त जिम्मेदारी समाप्त हो जाएगी।
तीन दशक से ज्यादा का पुलिस करियर
प्रीता वर्मा का पुलिस करियर काफी लंबा रहा है। 1992 में IPS सेवा में शामिल होने के बाद उन्होंने बिहार में अलग-अलग जिम्मेदारियों पर काम किया।
वरिष्ठ IPS अधिकारी के रूप में उन्होंने पुलिस प्रशासन और प्रशिक्षण से जुड़े पदों पर काम किया है। जनवरी 2023 में वह DG (Training), Bihar के पद पर तैनात थीं। आधिकारिक IPS Civil List में भी उनका यह पद दर्ज है।
पुलिस प्रशिक्षण किसी भी राज्य की पुलिस व्यवस्था का अहम हिस्सा होता है। पुलिस अधिकारियों और जवानों को कानून, जांच, तकनीक, अनुशासन और बदलते अपराधों से निपटने के तरीकों की जानकारी देने में प्रशिक्षण की बड़ी भूमिका होती है।
प्रीता वर्मा का इस क्षेत्र में काम करने का अनुभव भी उनके लंबे पुलिस करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी हो चुकी हैं सम्मानित
प्रीता वर्मा के करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में President’s Police Medal for Distinguished Service शामिल है।
भारत सरकार की ओर से स्वतंत्रता दिवस 2023 के अवसर पर जारी राष्ट्रपति पुलिस पदक की आधिकारिक सूची में प्रीता वर्मा का नाम शामिल था। उस समय वह DG (Training), Patna, Bihar के पद पर थीं।
यह सम्मान पुलिस सेवा में विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। उनके नाम पर इससे पहले भी पुलिस सेवा का सम्मान दर्ज है।
आधिकारिक IPS Civil List में प्रीता वर्मा के नाम के साथ PMMS-2009 दर्ज है। इसका अर्थ है कि उन्हें Police Medal for Meritorious Service भी 2009 में मिला था। इसी रिकॉर्ड में 2023 का PPMDS-2023 भी दर्ज है।
इस तरह उनके सेवा रिकॉर्ड में दो महत्वपूर्ण पुलिस सम्मान दर्ज हैं।
Home Guard और Fire Services की जिम्मेदारी भी संभाल रहीं
DGP का अतिरिक्त प्रभार मिलने से पहले प्रीता वर्मा बिहार के Home Guard और Fire Services विभाग की महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
यह विभाग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। होमगार्ड बल की तैनाती से लेकर अग्निशमन सेवाओं और आपात स्थिति में राहत कार्य तक कई जिम्मेदारियां इस विभाग से जुड़ी होती हैं।
अब DGP का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनके सामने दोहरी जिम्मेदारी है। उन्हें अपने मौजूदा विभाग का काम देखने के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय से जुड़ी DGP की जिम्मेदारियां भी संभालनी हैं।
बिहार पुलिस के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
DGP राज्य पुलिस का सबसे वरिष्ठ पद होता है। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिस प्रशासन, पुलिस मुख्यालय की निगरानी और अलग-अलग जिलों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण काम DGP के स्तर पर देखे जाते हैं।
विनय कुमार की छुट्टी के दौरान इन जिम्मेदारियों में किसी तरह की रुकावट न आए, इसलिए प्रीता वर्मा को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इस दौरान पुलिस मुख्यालय का नियमित कामकाज जारी रखना और राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की निगरानी करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।
क्या प्रीता वर्मा बन सकती हैं स्थायी DGP?
प्रीता वर्मा को अतिरिक्त DGP का प्रभार मिलने के बाद उनके स्थायी DGP बनने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन फिलहाल इसे लेकर कोई अंतिम नियुक्ति नहीं हुई है।
बिहार में नियमित DGP के चयन की प्रक्रिया अलग है। रिपोर्टों के मुताबिक राज्य सरकार वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल तैयार कर रही है, जिसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत UPSC के पास भेजा जाना है। इसके बाद UPSC की प्रक्रिया के जरिए नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
इसलिए अभी प्रीता वर्मा को स्थायी DGP कहना सही नहीं होगा। उनकी वर्तमान भूमिका Acting DGP/अतिरिक्त प्रभार की है।
बिहार की पहली महिला DGP बनने की चर्चा
प्रीता वर्मा के नाम की चर्चा एक और वजह से हो रही है। यदि भविष्य में उन्हें स्थायी DGP नियुक्त किया जाता है, तो वह बिहार पुलिस की शीर्ष कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बन सकती हैं।
हालांकि अभी ऐसा कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल उन्हें केवल DGP का अतिरिक्त प्रभार मिला है और स्थायी DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया अलग से चल रही है।
इसलिए उनके स्थायी DGP बनने की बात को अभी संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि तय नियुक्ति के रूप में।
5 अक्टूबर के बाद क्या होगा?
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार DGP विनय कुमार की छुट्टी 5 अक्टूबर 2026 तक है। उनके वापस आने के बाद प्रीता वर्मा का DGP का अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा।
इसके बाद बिहार पुलिस के स्थायी नेतृत्व को लेकर सरकार की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। विनय कुमार के भविष्य के कार्यकाल और नए DGP के चयन को लेकर आने वाले समय में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल प्रीता वर्मा के लिए यह जिम्मेदारी उनके लंबे पुलिस करियर की एक महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रीता वर्मा के करियर पर एक नजर
प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी हैं। उन्होंने 1992 में IPS सेवा जॉइन की थी। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने बिहार पुलिस में कई वरिष्ठ जिम्मेदारियां निभाईं।
जनवरी 2023 में वह DG Training के पद पर थीं। इसी दौरान उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। उनके सेवा रिकॉर्ड में 2009 का Police Medal for Meritorious Service भी दर्ज है।
2026 में वह बिहार Home Guard और Fire Services की DG बनीं। अब उन्हें DGP विनय कुमार की अनुपस्थिति में बिहार DGP का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
अब आगे क्या होगा?
प्रीता वर्मा फिलहाल बिहार पुलिस की कमान अस्थायी रूप से संभाल रही हैं। उनके सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी पुलिस मुख्यालय के कामकाज को सुचारू बनाए रखना और DGP की नियमित जिम्मेदारियों को संभालना है।
उनकी नियुक्ति स्थायी DGP के रूप में नहीं हुई है। यह व्यवस्था DGP विनय कुमार की छुट्टी तक के लिए है। दूसरी तरफ बिहार में नियमित DGP के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रीता वर्मा का लंबा पुलिस अनुभव और उनके सेवा सम्मान उन्हें चर्चा में लेकर आया है। 1991 बैच की यह वरिष्ठ IPS अधिकारी अब कुछ समय के लिए बिहार पुलिस के शीर्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।