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विजय केडिया के पास 10,35,000 शेयर, ₹130 के पार पहुंचा नया-नवेला स्टॉक; जानिए कंपनी का कारोबार और मुनाफा

By Aarti Mishra · Published 30 Oct 2026, 01:31 · Updated 30 Oct 2026, 01:31

विजय केडिया के पास आशुतोष फाइबर के 10,35,000 शेयर, ₹130 के पार शेयर प्राइस और कंपनी के कारोबार व मुनाफे की जानकारी।

शेयर बाजार में दिग्गज निवेशक विजय केडिया के पोर्टफोलियो पर निवेशकों की नजर बनी रहती है। अब उनके पोर्टफोलियो में शामिल एक नए शेयर ने बाजार का ध्यान खींचा है। यह शेयर आशुतोष फाइबर लिमिटेड (Ashutosh Fibre) का है, जो सितंबर 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट हुआ था। कंपनी के शेयर का भाव 29 अक्टूबर को करीब 130 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, विजय केडिया के पास कंपनी के 10,35,000 शेयर होने की जानकारी सामने आई है।

शेयर बाजार में नई लिस्टिंग, कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी और दिग्गज निवेशक की हिस्सेदारी जैसे कई कारणों से यह स्टॉक चर्चा में है। हालांकि, किसी बड़े निवेशक का नाम किसी शेयर से जुड़ना अपने आप में निवेश की गारंटी नहीं होता। ऐसे में कंपनी के कारोबार, वित्तीय नतीजों और जोखिमों को समझना भी जरूरी है।

विजय केडिया के पास कितने शेयर हैं?

सितंबर 2026 की शेयरहोल्डिंग जानकारी के अनुसार, विजय केडिया के पास आशुतोष फाइबर के 10,35,000 शेयर हैं। यह कंपनी की कुल हिस्सेदारी का करीब 4.73 प्रतिशत है।

29 अक्टूबर को उपलब्ध करीब 130 रुपये के शेयर भाव के आधार पर इन शेयरों की अनुमानित बाजार वैल्यू लगभग 13.46 करोड़ रुपये बैठती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि शेयर की कीमत में रोजाना उतार-चढ़ाव होता है, इसलिए हिस्सेदारी की वैल्यू भी बदलती रहती है।

विजय केडिया को शेयर बाजार में स्मॉलकैप कंपनियों की पहचान करने वाले प्रमुख निवेशकों में गिना जाता है। वह ऐसी कंपनियों में निवेश के लिए जाने जाते हैं, जिनमें आगे बढ़ने की संभावनाएं हो सकती हैं। हालांकि, किसी निवेशक ने किसी कंपनी में हिस्सेदारी क्यों खरीदी, इसकी पुष्टि केवल शेयरहोल्डिंग के आंकड़ों से नहीं की जा सकती।

सितंबर में शेयर बाजार में हुई थी लिस्टिंग

आशुतोष फाइबर के शेयर 7 सितंबर 2026 को NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुए थे। कंपनी के आईपीओ का इश्यू प्राइस 92 रुपये प्रति शेयर था, जबकि शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग 140 रुपये पर हुई। इस तरह आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग के समय करीब 52.17 प्रतिशत का प्रीमियम मिला था।

कंपनी के आईपीओ के जरिए करीब 56.35 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। इस इश्यू को निवेशकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार कुल सब्सक्रिप्शन 130 गुना से अधिक रहा।

हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर का भाव लगातार एक ही दिशा में नहीं चलता। 29 अक्टूबर के आसपास करीब 130 रुपये का भाव इसकी 140 रुपये की लिस्टिंग कीमत से नीचे था। इससे साफ है कि मजबूत शुरुआत के बाद भी नए शेयरों में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।

क्या कारोबार करती है आशुतोष फाइबर?

आशुतोष फाइबर लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1985 में हुई थी। कंपनी तकनीकी टेक्सटाइल और सिंथेटिक यार्न के कारोबार से जुड़ी है। इसका प्रमुख उत्पाद पॉलीप्रोपाइलीन स्पन यार्न है, जिसका इस्तेमाल कई औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है।

कंपनी के उत्पादों का उपयोग फिल्ट्रेशन, निर्माण, ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग, सुरक्षात्मक उपकरण और होम फर्निशिंग जैसे क्षेत्रों में होता है। तकनीकी टेक्सटाइल का इस्तेमाल सामान्य कपड़ों के अलावा ऐसे उत्पादों में किया जाता है, जहां मजबूती, टिकाऊपन या विशेष तकनीकी गुणों की जरूरत होती है।

इस तरह कंपनी का कारोबार केवल फैशन या परिधान उद्योग तक सीमित नहीं है। हालांकि, भविष्य में कारोबार की वृद्धि इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपने ग्राहकों की मांग, उत्पादन लागत और प्रतिस्पर्धा को किस तरह संभालती है।

मुनाफे में हुई अच्छी बढ़ोतरी

आशुतोष फाइबर के वित्तीय आंकड़े भी निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व लगभग 117.37 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के करीब 114.03 करोड़ रुपये से अधिक है।

कंपनी का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2024-25 के 8.51 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 16.04 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी सालाना आधार पर मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का EBITDA करीब 31.07 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह लगभग 17.84 करोड़ रुपये था। EBITDA कारोबार की परिचालन कमाई को समझने में मदद करता है, हालांकि यह कंपनी के अंतिम शुद्ध मुनाफे के बराबर नहीं होता।

इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि हाल के वित्त वर्ष में कंपनी की लाभप्रदता बेहतर हुई। लेकिन यह देखना भी जरूरी होगा कि आने वाली तिमाहियों में मुनाफे की यह स्थिति बनी रहती है या नहीं।

निवेश से पहले इन जोखिमों को भी समझें

आशुतोष फाइबर एक SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड कंपनी है। ऐसे शेयरों में कारोबार की मात्रा कम होने पर खरीदने या बेचने में परेशानी हो सकती है। कीमत में उतार-चढ़ाव भी बड़े शेयरों के मुकाबले अधिक हो सकता है।

कंपनी के आईपीओ से जुटाई गई राशि का एक हिस्सा नई मशीनरी और उपकरणों पर पूंजीगत खर्च तथा कर्ज चुकाने के लिए निर्धारित किया गया था। इन योजनाओं का वास्तविक असर आने वाले वित्तीय नतीजों में देखने को मिलेगा।

इसके अलावा, कंपनी के ग्राहकों पर निर्भरता, कच्चे माल की लागत, प्रतिस्पर्धा और कर्ज की स्थिति जैसे पहलुओं पर भी नजर रखना जरूरी है। कंपनी की पिछली कमाई भविष्य के मुनाफे की गारंटी नहीं देती।

क्या विजय केडिया का यह शेयर खरीदना चाहिए?

विजय केडिया की हिस्सेदारी के कारण आशुतोष फाइबर चर्चा में जरूर है, लेकिन केवल इसी आधार पर शेयर खरीदने का फैसला करना उचित नहीं होगा। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं, शेयर के मौजूदा मूल्यांकन और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए।

आशुतोष फाइबर के शेयर की नई लिस्टिंग, विजय केडिया की 10,35,000 शेयरों की हिस्सेदारी और कंपनी के मुनाफे में हुई बढ़ोतरी ने इसे बाजार की नजरों में ला दिया है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के आने वाले नतीजों और कारोबार की वृद्धि पर रहेगी।