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क्या अब अमेरिका के लिए ईरान को हराना हुआ मुश्किल?

By Aarti Mishra · Published 27 Aug 2026, 14:56 · Updated 27 Aug 2026, 14:58

लंबे समय से अमेरिका और इजरायल के युद्ध में अमेरिका के सी के हमले से ईरान को बहुत ही नुकसान हुआ है जिससे ईरान में आंतरिक स्तर पर बिजली की समस्या देखने को मिली है।

अमेरिका से युद्ध में मिले वित्तीय लेनदेन तथा आर्थिक नुकसान के बाद ईरान ने यह दावा किया है कि उसे नेचुरल गैस के सेक्टर में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है।

ईरान के दक्षिणी क्षेत्र के फ़ारस (Fars) 21200 करोड़ क्यूबिक मीटर नेचुरल गैस मिला है। ईरान के नेता मोहसिन पाक निजाद जो ईरान के तेल मंत्री भी है उन्होंने इसकी घोषणा नेशनल टेलीविजन पर आ के इसकी जानकारी दी।
इस भंडार से 1,60,000 करोड़ घन मीटर (5.7 लाख करोड़ क्यूबिक फीट) से नेचुरल गैस को निकाला जा सकता है। मोहसिन पाक निजाद ने बताया देश के लिए आने वाले समय में ऊर्जा संरक्षण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

आखिर यह नेचुरल गैस ईरान के लिए क्योंजरूरी?

मोहसिन पाकनिजाद ने अपने ईरानी जनता को यह बताया की नेचुरल गैस में हाइड्रोजन सल्फाइड की मात्रा बिल्कुल नहीं होती है जिससे इस गैस को आसानी से रिफायनिंग करके हासिल करने में बहुत कम समय और उसमें लगने वाली लागत भी काम हो जाती है
यह है एक बड़े क्षेत्र में मिला है जिससे अगले 15 सालों तक गैस की सप्लाई आसानी से की जा सकती है। ईरान के सभी बड़े अधिकारी इस गैस के प्रोडक्शन में एक जुट होकर काम कर रहे हैं। और साथ में युद्ध स्तर पर उठाए जाने वाले ठोस कदम भी कर रहे हैं।

क्या अमेरिका के लिए ईरान को हराना संभव हो गया है?

ईरान गैस भंडार के लिए सर्वोच्च माना जाता है यह जग जाहिर है लेकिन बस एकमात्र गैस भंडार की खोज से अमेरिका के साथ सैन्य संघर्ष कहीं से कम दिखता नजर नहीं आ रहा है। अमेरिका इसका परिणाम अपने सैन्य शक्ति की सहायता से कभी-भी बदल सकता है।
आर्थिक पाबंदियों के बीच ईरान को इस गैस स्रोत को रिफाइनरी तक ले जाने के लिए नए उपकरण और एक भारी भरकम निवेश की जरूरत होगी । लेकिन ठीक इसके उलट अमेरिका ने इस युद्ध में अपने सैन्य शक्ति को और मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें नए – नए प्रकार के युद्ध में इस्तेमाल करने के लिए उपकरण दिए जिससे ईरान को आर्थिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बहुत ही नुकसान पहुंचा जा सके।

जुबानी जंग और कितने दिन?
नेचुरल गैस मिलने के बाद अमेरिका और ईरान में जुबानी जंग तीखी बहस में बदल गई है।
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से यह बताया है कि ईरान के लिए जो भी देश मदद करने आगे आएगा उसे देश को आर्थिक पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा। अभी तक के सबसे बड़े ( Economic D-Day) के नाम का आर्थिक कैंपेनिंग का ऐलान किया है।
ठीक वहीं ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रजाई ने डोनाल्ड ट्रंप को जवाब देते हुए कहा है कि अगर यह इकोनामिक वार खत्म नहीं होगी तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य या फिर फॉर्स (Fars) से जो तेल मिलेगा मैं किसी देश में भी एक्सपोर्ट नहीं होगा ।अमेरिका के साथ देने वाले सभी देशों को इस युद्ध का हिस्सा माना जाएगा ।
इस तनावपूर्ण स्थिति में समझौते का भविष्य बहुत बहुत दूर-दूर तक ना के बराबर दिख रहा है…आगे आने वाले समय में देखना होगा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अगला जुबानी हमला क्या होगा?