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50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में मोना अग्रवाल का ऐतिहासिक प्रदर्शन

By Aarti Mishra · Published 23 Oct 2026, 17:18 · Updated 23 Oct 2026, 17:18

मोना अग्रवाल एशियन पैरा गेम्स 2026 में विश्व रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीतने के बाद

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल में 357.5 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इस प्रदर्शन के साथ मोना ने स्वीडन की निशानेबाज अन्ना बेन्सन का 356 अंकों का पिछला विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। बेन्सन ने जुलाई 2026 में नोवी साद में आयोजित विश्व कप के दौरान यह रिकॉर्ड बनाया था। मोना ने न सिर्फ विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया, बल्कि एशियाई रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

दक्षिण कोरिया की ली युनरी ने पिछले महीने चांगवोन में 355.7 अंकों के साथ एशियाई रिकॉर्ड बनाया था। मोना ने 357.5 अंक हासिल कर इस उपलब्धि को भी पीछे छोड़ दिया। इस तरह उन्होंने एक ही फाइनल में विश्व स्तर और एशियाई स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया।

चीन और दक्षिण कोरिया की खिलाड़ियों को पीछे छोड़ जीता गोल्ड

50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मजबूत प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। चीन की कुइपिंग झांग ने 353.7 अंकों के साथ रजत पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की मियोंग किम 344.4 अंक हासिल करके कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।

मोना का 357.5 अंकों का स्कोर रजत पदक जीतने वाली खिलाड़ी से 3.8 अंक अधिक था। निशानेबाजी जैसे खेल में इतने अंतर से जीत हासिल करना उनके प्रदर्शन की गुणवत्ता को दर्शाता है।

इस मुकाबले में भारत की एक अन्य अनुभवी निशानेबाज अवनि लेखरा चौथे स्थान पर रहीं। अवनि ने क्वालिफिकेशन राउंड में 580-24x का स्कोर करके पहला स्थान हासिल किया था, लेकिन फाइनल में वह पदक जीतने से चूक गईं। दूसरी ओर, मोना ने क्वालिफिकेशन में छठा स्थान हासिल करने के बाद फाइनल में शानदार वापसी की और स्वर्ण पदक जीत लिया।

घुटने टेककर, लेटकर और खड़े होकर निशाना लगाने की चुनौती

50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को तीन अलग-अलग पोजिशन में निशाना लगाना होता है। इनमें घुटने टेककर, लेटकर और खड़े होकर शूटिंग करना शामिल है। हर पोजिशन में खिलाड़ी को अपने शरीर का संतुलन बनाए रखते हुए लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाना पड़ता है।

मोना अग्रवाल ने फाइनल में तीनों पोजिशन में बेहतरीन नियंत्रण और एकाग्रता का परिचय दिया। उन्होंने घुटने टेककर निशाना लगाने की शुरुआती सीरीज में 101.4 अंक हासिल किए। इसके बाद प्रोन यानी लेटकर शूटिंग की सीरीज में 102.1 अंक जोड़े।

खड़े होकर निशाना लगाने की पोजिशन में भी उन्होंने अपना प्रदर्शन बनाए रखा और लगातार अच्छे स्कोर के साथ मुकाबले में बढ़त हासिल की। अंतिम सीरीज तक पहुंचते-पहुंचते मोना ने ऐसा स्कोर खड़ा कर दिया, जिसने उन्हें स्वर्ण पदक के साथ विश्व रिकॉर्ड भी दिला दिया।

पहले भी गोल्ड जीत चुकी हैं मोना अग्रवाल

एशियन पैरा गेम्स 2026 में यह मोना अग्रवाल का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता था।

उस मुकाबले में मोना ने 250.0 अंक हासिल करके एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाया था। भारत की ही अवनि लेखरा ने 249.6 अंक के साथ रजत पदक जीता था। इस तरह प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में ही भारत ने निशानेबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और रजत दोनों पदक अपने नाम किए।

10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सफलता के बाद 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में विश्व रिकॉर्ड के साथ दूसरा गोल्ड जीतना मोना के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे यह भी पता चलता है कि वह अलग-अलग निशानेबाजी स्पर्धाओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता रखती हैं।

पेरिस पैरालंपिक में भी भारत का नाम कर चुकी हैं रोशन

मोना अग्रवाल का अंतरराष्ट्रीय सफर लगातार उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक 2024 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया था।

उनका खेल सफर इस बात का उदाहरण है कि मेहनत, अभ्यास और अनुशासन के दम पर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। मोना ने निशानेबाजी में कम समय के भीतर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और विश्व स्तर पर भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

उनकी उपलब्धियां पैरा खेलों में भाग लेने वाले अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। खासकर उन खिलाड़ियों के लिए, जो अपने खेल करियर को आगे बढ़ाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।

मोना अग्रवाल की जीत से भारतीय पैरा खेलों को मिली नई पहचान

एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना अग्रवाल की ऐतिहासिक जीत भारतीय पैरा खेलों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। विश्व रिकॉर्ड के साथ दूसरा स्वर्ण पदक जीतने से न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता बढ़ी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में भारत की प्रतिष्ठा भी मजबूत हुई है।

इस उपलब्धि के साथ मोना महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस स्पर्धा में एशियन पैरा गेम्स का पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज भी बनीं। उनका प्रदर्शन बताता है कि भारतीय पैरा निशानेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करते हुए नए रिकॉर्ड बनाने की क्षमता रखते हैं।

एशियन पैरा गेम्स 2026 में मोना अग्रवाल ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में 357.5 अंक हासिल करके विश्व रिकॉर्ड बनाया और अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्वीडन की अन्ना बेन्सन के 356 अंकों के पुराने विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।

इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में गोल्ड जीत चुकीं मोना ने एक बार फिर साबित किया कि निरंतर मेहनत और एकाग्रता से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनकी यह उपलब्धि भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का क्षण है और देश के पैरा खिलाड़ियों के बढ़ते स्तर को दर्शाती है।