UP MLC Election Results 2026: यूपी की 11 MLC सीटों पर कांटे की टक्कर, गोरखपुर में सपा के संजयन त्रिपाठी आगे; लखनऊ में भी मुकाबला दिलचस्प

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रही मतगणना ने राज्य की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से सात केंद्रों पर मतगणना शुरू हुई। इन सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच मुकाबले पर सबकी नजरें टिकी हैं। शुरुआती रुझानों में कुछ सीटों पर सपा के उम्मीदवार आगे नजर आए, तो वहीं कुछ जगहों पर भाजपा प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई। हालांकि, देर शाम तक कई सीटों पर गिनती जारी रहने और प्रक्रिया में समय लगने के कारण सभी सीटों के अंतिम नतीजों को लेकर इंतजार बना हुआ है।
इस चुनाव में कुल 152 प्रत्याशी मैदान में हैं और करीब 14.81 लाख मतदाता सूची में शामिल थे। चुनाव में 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन नतीजों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के लिए राजनीतिक माहौल समझने के एक अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, विधान परिषद चुनाव के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव का परिणाम मानना सही नहीं होगा।
गोरखपुर में सपा के संजयन त्रिपाठी की बढ़त से बढ़ी हलचल
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और भाजपा के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के बीच मुकाबले पर खास नजर रखी जा रही है। शुरुआती रुझानों में सपा के संजयन त्रिपाठी आगे बताए गए। हालांकि, शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत नहीं माना जा सकता, क्योंकि इस सीट पर मतपत्रों की गिनती और वरीयता मतों की प्रक्रिया में समय लग सकता है।
गोरखपुर में मतगणना पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में कराई जा रही है। यहां मतपेटियों से मतपत्र निकालने, उन्हें सीधा करने, छंटाई करने और 50-50 के बंडल बनाने की प्रक्रिया के बाद वास्तविक गिनती आगे बढ़ी। मतगणना के लिए 14 टेबल लगाई गई हैं। निर्वाचन क्षेत्र में कुल 54,910 मतदाता थे, जिनमें से 43,553 ने मतदान किया था।
इस सीट पर मुकाबला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सामने सपा ने डॉ. संजयन त्रिपाठी को उतारा है। निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह और राजीव यादव भी चुनाव मैदान में हैं। सभी उम्मीदवारों की नजर मतगणना के अंतिम आंकड़ों पर है।
लखनऊ में भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी आगे
लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भी मतगणना के दौरान अहम अपडेट सामने आया। उपलब्ध शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पहले राउंड में भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने 7,000 मतों की गिनती के बाद 3,955 वोट हासिल किए, जबकि सपा प्रत्याशी सुशील कुमार को 1,635 वोट मिले। इस दौर में उमेश द्विवेदी 2,320 वोटों से आगे बताए गए।
हालांकि, लखनऊ की दोनों सीटों पर मतगणना की प्रक्रिया धीमी रहने की खबरें भी सामने आईं। मतपत्रों को छांटने और बंडल तैयार करने में समय लगने के कारण कुछ समय तक वास्तविक मतगणना शुरू नहीं हो पाई थी। ऐसे में शुरुआती आंकड़ों और अंतिम नतीजों के बीच अंतर संभव है। अंतिम स्थिति जानने के लिए निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।
वाराणसी में लाल बिहारी यादव आगे, सपा को उम्मीद
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी और निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव शुरुआती रुझानों में आगे बताए गए। पहले दौर की गिनती के बाद उनके समर्थकों में उत्साह नजर आया। वाराणसी में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना अलग-अलग व्यवस्थाओं के तहत कराई जा रही है।
वाराणसी की सीटों पर सपा और भाजपा के बीच मुकाबले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों दलों के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने और सभी जरूरी चरणों के बाद ही अंतिम परिणाम स्पष्ट होंगे।
आगरा में सपा उम्मीदवार आगे, मतगणना को लेकर उठे सवाल
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से शुरुआती रुझानों में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल आगे बताए गए। पहले दौर में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, सपा उम्मीदवार को 5,451 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 4,462 वोट प्राप्त हुए। इस तरह शुरुआती दौर में सपा प्रत्याशी 989 मतों से आगे रहे।
मतगणना के दौरान आगरा में प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मतगणना रोके जाने की सूचना पर चिंता जताई और चुनाव आयोग से निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से मतगणना की प्रक्रिया पर सवाल उठाने को लेकर सपा पर पलटवार किया गया। इन बयानों के बीच जरूरी है कि किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य न माना जाए और निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्थिति समझी जाए।
मेरठ में भाजपा प्रत्याशी को बढ़त, मतगणना केंद्र पर बहस
मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा के आगे होने की खबर सामने आई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने करीब 2,600 वोटों की बढ़त बनाई थी। वहीं, मतगणना केंद्र पर मोबाइल ले जाने से रोकने को लेकर निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ और पुलिसकर्मियों के बीच बहस की खबर भी सामने आई।
मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। अधिकारियों और अधिकृत एजेंटों को ही निर्धारित नियमों के अनुसार प्रवेश दिया जा रहा है। ऐसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य मतगणना के दौरान पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
सात केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों की मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में कराई जा रही है। इन सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतगणना केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और सीसीटीवी कैमरों तथा वीडियोग्राफी के जरिए प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा रही है।
इस चुनाव में मतपत्रों की गिनती होने के कारण प्रक्रिया सामान्य ईवीएम मतगणना से अलग है। कई जगह पहले मतपत्रों को सीधा करने, छांटने और निर्धारित संख्या के बंडल बनाने में समय लगा। इसके बाद मतों की गणना और प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होने का सिलसिला आगे बढ़ा।
पहली वरीयता से तय नहीं हुआ परिणाम तो क्या होगा?
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में वरीयता आधारित मतगणना की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी प्रत्याशी को निर्धारित जीत का कोटा पहली वरीयता के मतों से नहीं मिलता, तो नियमों के अनुसार अगली वरीयता के मतों की गणना की जरूरत पड़ सकती है। इस कारण कुछ सीटों पर नतीजे आने में ज्यादा समय लग सकता है।
यही वजह है कि शुरुआती बढ़त को अंतिम जीत मान लेना सही नहीं है। जब तक मतगणना के सभी जरूरी चरण पूरे नहीं हो जाते और रिटर्निंग अधिकारी परिणाम घोषित नहीं कर देते, तब तक उम्मीदवारों की स्थिति बदल सकती है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले क्यों अहम हैं ये नतीजे?
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में विधान परिषद की इन 11 सीटों के नतीजों पर भाजपा और सपा दोनों की नजरें टिकी हैं। भाजपा प्रदेश में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत बनाए रखने की कोशिश में है, जबकि सपा इन चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के जरिए अपने समर्थकों के बीच संदेश देना चाहेगी।
हालांकि, शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता सामान्य विधानसभा चुनाव के मतदाताओं से अलग होते हैं। इसलिए इन नतीजों से पूरे प्रदेश के मतदाताओं की पसंद का सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता। फिर भी इन सीटों पर प्रदर्शन से दोनों दलों को अपने संगठन, उम्मीदवारों की स्वीकार्यता और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के बारे में संकेत मिल सकते हैं।
UP MLC Election Results 2026: अब अंतिम नतीजों का इंतजार
यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना में गोरखपुर, वाराणसी, आगरा और लखनऊ समेत कई सीटों से शुरुआती रुझान सामने आए हैं। कहीं सपा उम्मीदवार आगे बताए जा रहे हैं, तो कहीं भाजपा प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई है। मेरठ में भी भाजपा उम्मीदवार की बढ़त की खबर आई है। लेकिन सभी सीटों पर मतगणना पूरी होने और आधिकारिक नतीजे घोषित होने तक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं मानी जा सकती।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर संजयन त्रिपाठी की शुरुआती बढ़त ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। वहीं लखनऊ में उमेश द्विवेदी और वाराणसी में लाल बिहारी यादव के रुझानों ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि मतगणना के सभी चरण पूरे होने के बाद कौन-कौन से प्रत्याशी जीत दर्ज करते हैं और विधान परिषद की इन 11 सीटों पर किस दल का प्रदर्शन बेहतर रहता है।