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क्राइम

लॉरेंस बिश्नोई की फोटो लगाकर WhatsApp पर देता था जान से मारने की धमकी, गाजियाबाद में 20 साल का युवक गिरफ्तार

By Aarti Mishra · Published 27 Oct 2026, 17:54 · Updated 27 Oct 2026, 17:54

गाजियाबाद में लॉरेंस बिश्नोई की फोटो लगाकर WhatsApp पर धमकी देने के आरोपी युवक की गिरफ्तारी से जुड़ी खबर

सोशल मीडिया से नंबर जुटाकर भेजता था धमकी भरे वॉयस मैसेज, खुद को बताता था बिश्नोई गैंग का सदस्य

गाजियाबाद क्राइम न्यूज: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर लोगों को धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 20 वर्षीय युवक अंशु प्रजापति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि युवक ने अपने WhatsApp Business अकाउंट की प्रोफाइल फोटो पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगाई थी। इसके बाद वह सोशल मीडिया से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें वॉयस मैसेज भेजता और जान से मारने की धमकी देता था।

मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपी की पहचान की गई। 27 अक्टूबर 2026 को उसकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

WhatsApp पर आए धमकी भरे वॉयस मैसेज से शुरू हुआ मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद के विजयनगर निवासी आरव शर्मा को 18 अक्टूबर 2026 की रात WhatsApp पर दो वॉयस मैसेज मिले थे। आरोप है कि इन संदेशों में भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

अचानक इस तरह के धमकी भरे संदेश मिलने से मामला गंभीर हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने संदेश भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए जांच शुरू की। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर और WhatsApp अकाउंट से जुड़ी जानकारियों की पड़ताल की।

प्रोफाइल फोटो पर लगाई थी लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने WhatsApp Business अकाउंट पर लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगाई हुई थी। अकाउंट के विवरण में भी गैंग का नाम लिखा था। इस तरह वह अपनी पहचान को एक चर्चित आपराधिक गिरोह से जुड़ा दिखाने की कोशिश करता था।

आरोप है कि वह इसी पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को डराता था। हालांकि, किसी गैंगस्टर की तस्वीर लगाने या उसके नाम का इस्तेमाल करने से किसी व्यक्ति का उस गिरोह से वास्तविक संबंध साबित नहीं होता। इस मामले में भी आरोपी के कथित संबंधों और उसके दावों को लेकर पुलिस जांच महत्वपूर्ण है।

सोशल मीडिया से मोबाइल नंबर जुटाने का आरोप

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाता था। इसके बाद वह WhatsApp के जरिए वॉयस मैसेज भेजकर उन्हें डराने की कोशिश करता था।

आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी का गलत इस्तेमाल कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है। किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर या अन्य निजी जानकारी बिना अनुमति के इस्तेमाल करके उसे परेशान करना गंभीर मामला बन सकता है। ऐसे में लोगों को सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

पुणे में नौकरी के दौरान क्राइम रील्स से प्रभावित होने की बात

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2025 में पुणे की एक कंपनी में काम करने गया था। वहां रहते हुए वह Instagram, Facebook और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था। इसी दौरान उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी रील और अन्य सामग्री देखी।

आरोप है कि इसके बाद उसने WhatsApp Business अकाउंट बनाया और गैंग से जुड़ी पहचान प्रदर्शित करने लगा। हालांकि, यह जानकारी आरोपी के कथित बयान पर आधारित है। सोशल मीडिया पर आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी सामग्री देखना और किसी व्यक्ति को धमकी देने के लिए उसका इस्तेमाल करना दो अलग-अलग बातें हैं।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए संबंधित डिजिटल जानकारियों का विश्लेषण किया। मोबाइल नंबर, WhatsApp अकाउंट और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से आरोपी की पहचान करने की कोशिश की गई।

जांच के बाद पुलिस ने अंशु प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। अब मामले में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी ने किन परिस्थितियों में धमकी भरे संदेश भेजे और क्या इस तरह की गतिविधियों में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस जांच की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।

WhatsApp पर धमकी मिले तो क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति को WhatsApp, Instagram या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जान से मारने की धमकी मिलती है, तो उसे इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • धमकी भरे मैसेज और वॉयस नोट सुरक्षित रखें।
  • संबंधित मोबाइल नंबर और अकाउंट की जानकारी नोट कर लें।
  • स्थानीय पुलिस को शिकायत दें।
  • धमकी देने वाले व्यक्ति से खुद उलझने या मिलने से बचें।
  • यदि तत्काल खतरा महसूस हो तो आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर संपर्क करें।

डिजिटल साक्ष्य जांच में मदद कर सकते हैं। इसलिए धमकी मिलने के बाद मैसेज डिलीट करने के बजाय उन्हें सुरक्षित रखना बेहतर होता है।

गैंगस्टर के नाम का इस्तेमाल कर डराने का आरोप, जांच जारी

गाजियाबाद में सामने आया यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया पर किसी कुख्यात अपराधी की पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को डराने की कोशिश गंभीर परिणाम ला सकती है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने WhatsApp Business अकाउंट पर लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगाई और कथित तौर पर वॉयस मैसेज के जरिए धमकियां दीं।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।