मुकेश अंबानी की दौलत में एक दिन में ₹52 हजार करोड़ का उछाल, बने दुनिया के सबसे बड़े वेल्थ गेनर

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की संपत्ति में सोमवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कंपनी के शेयरों में आई तूफानी तेजी ने उनकी दौलत को एक ही दिन में नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के मुताबिक, 2 नवंबर को मुकेश अंबानी की संपत्ति में करीब 6.3 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 52 हजार करोड़ रुपये के आसपास बैठती है। इस बढ़ोतरी के साथ अंबानी उस दिन दुनिया में सबसे ज्यादा दौलत कमाने वाले अरबपति बन गए।
फोर्ब्स की सूची के अनुसार, इस उछाल के बाद मुकेश अंबानी की कुल अनुमानित संपत्ति 88.8 अरब डॉलर हो गई। वह दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 23वें स्थान पर पहुंच गए। वहीं, भारत के सबसे अमीर कारोबारी के रूप में उनकी स्थिति बरकरार रही। उनकी संपत्ति में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई जोरदार खरीदारी रही।
रिलायंस के शेयरों में 11.6 फीसदी की जबरदस्त तेजी
सोमवार को शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का शेयर करीब 11.6 फीसदी तक चढ़ गया। छह साल से ज्यादा समय में यह शेयर का सबसे मजबूत कारोबारी सत्र रहा। कारोबार के दौरान शेयर में आई तेजी ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया और रिलायंस निफ्टी-50 के सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रही।
शेयरों में इस तेजी का असर कंपनी के बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। रिलायंस देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है और इसके शेयरों में बड़ी खरीदारी का असर पूरे बाजार पर दिखाई दिया। चूंकि मुकेश अंबानी की संपत्ति का बड़ा हिस्सा रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी हिस्सेदारी से जुड़ा है, इसलिए शेयर की कीमत बढ़ने के साथ उनकी अनुमानित नेटवर्थ में भी बड़ा इजाफा हुआ।
तिमाही नतीजों ने बाजार को किया प्रभावित
रिलायंस के शेयरों में आई तेजी के पीछे कंपनी के सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे अहम वजह रहे। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का समेकित राजस्व सालाना आधार पर 27.8 फीसदी बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी का समेकित EBITDA 23.9 फीसदी बढ़कर 62,409 करोड़ रुपये रहा। वहीं, समेकित शुद्ध लाभ 33.8 फीसदी की वृद्धि के साथ 29,550 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी के शेयरधारकों के लिए उपलब्ध शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 40.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 25,548 करोड़ रुपये रहा।
इन नतीजों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। बाजार को उम्मीद है कि रिलायंस के प्रमुख कारोबार आने वाली तिमाहियों में भी कंपनी की कमाई को सहारा दे सकते हैं।
ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार से मिला बड़ा सहारा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत प्रदर्शन में उसके ऑयल-टू-केमिकल्स यानी O2C कारोबार की अहम भूमिका रही। इस कारोबार में रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल मार्जिन बेहतर होने से कंपनी की कमाई को मजबूती मिली।
कच्चे तेल की प्रोसेसिंग, ईंधन की मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिफाइनिंग मार्जिन जैसे कारक इस कारोबार के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। सितंबर तिमाही में बेहतर मार्जिन और कंपनी की परिचालन रणनीति से O2C कारोबार को फायदा हुआ। इससे निवेशकों को संकेत मिला कि रिलायंस का पारंपरिक ऊर्जा कारोबार अब भी कंपनी की कमाई का मजबूत आधार बना हुआ है।
जियो के बेहतर प्रदर्शन ने भी बढ़ाया भरोसा
रिलायंस के डिजिटल कारोबार यानी जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी कंपनी के नतीजों को मजबूती दी। टेलीकॉम क्षेत्र में जियो की मजबूत मौजूदगी, ग्राहकों का बड़ा आधार और डिजिटल सेवाओं का विस्तार कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
जियो की बेहतर लाभप्रदता ने निवेशकों को यह भरोसा दिया कि रिलायंस का डिजिटल कारोबार भविष्य में भी कमाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। कंपनी केवल पारंपरिक तेल और पेट्रोकेमिकल कारोबार पर निर्भर नहीं है, बल्कि टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं के जरिए नए बाजारों में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।
दुनिया के दूसरे अरबपतियों को छोड़ा पीछे
फोर्ब्स की रियल-टाइम अरबपतियों की सूची में मुकेश अंबानी की एक दिन की संपत्ति वृद्धि दूसरे बड़े कारोबारियों के मुकाबले काफी ज्यादा रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, स्पेन के कारोबारी अमान्सियो ओर्टेगा की संपत्ति में करीब 1.7 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई, जबकि चीन के झोंग शानशान की दौलत में लगभग 1.5 अरब डॉलर का इजाफा दर्ज किया गया।
इस तरह एक ही दिन में संपत्ति बढ़ने के मामले में अंबानी इन अरबपतियों से काफी आगे रहे। फोर्ब्स की सूची में उनकी कुल संपत्ति 88.8 अरब डॉलर आंकी गई, जबकि गौतम अडानी की संपत्ति करीब 79.12 अरब डॉलर बताई गई। इस आंकड़े के आधार पर अंबानी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बने रहे।
रिटेल कारोबार और नए ऊर्जा क्षेत्र पर भी रहेगी नजर
रिलायंस के मजबूत नतीजों के बावजूद कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। उसके रिटेल कारोबार की लाभप्रदता पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी रिटेल कारोबार की बिक्री और मार्जिन में किस तरह सुधार करती है।
इसके अलावा रिलायंस का नया ऊर्जा कारोबार भी लंबे समय के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कंपनी सौर ऊर्जा, बैटरी और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े क्षेत्रों में निवेश कर रही है। इन परियोजनाओं से भविष्य में कितनी कमाई होती है, यह कंपनी की लंबी अवधि की कारोबारी संभावनाओं को प्रभावित करेगा।
क्या आगे भी जारी रहेगी रिलायंस के शेयरों की तेजी?
रिलायंस के शानदार तिमाही नतीजों के बाद शेयर बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बना है। हालांकि, किसी भी शेयर की कीमत में आगे की तेजी कई बातों पर निर्भर करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक आर्थिक स्थिति, कंपनी के कारोबार का प्रदर्शन और निवेशकों की धारणा शेयर की दिशा तय कर सकते हैं।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मुकेश अंबानी की संपत्ति में 52 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि इतनी नकदी उनके खाते में आ गई। अरबपतियों की नेटवर्थ का आकलन उनकी कंपनियों में हिस्सेदारी और अन्य संपत्तियों के बाजार मूल्य के आधार पर किया जाता है। शेयर की कीमत बढ़ने या घटने से यह अनुमानित संपत्ति भी बदलती रहती है।
कुल मिलाकर, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजों और शेयरों में आई 11.6 फीसदी की तेजी ने मुकेश अंबानी को एक दिन में दुनिया का सबसे बड़ा वेल्थ गेनर बना दिया। अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने O2C, जियो और रिटेल कारोबार के प्रदर्शन को किस तरह आगे बढ़ाती है।