1 नवंबर से राम मंदिर में बदलेगा पूजा-पाठ का समय, जानें कब खुलेंगे पट और कितने बजे होंगे रामलला के दर्शन

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। ऋतु परिवर्तन और सर्दियों की शुरुआत को ध्यान में रखते हुए मंदिर में पूजा-पाठ, आरती, भोग, विश्राम और दर्शन की समय-सारणी में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था 1 नवंबर 2026, रविवार से लागू होगी। इसके बाद मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलेंगे और रात 10 बजे बंद होंगे। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए आम दर्शन सुबह 7 बजे से शुरू होंगे।
मंदिर की दिनचर्या में होने वाला यह बदलाव उन भक्तों के लिए खास है, जो दूर-दराज के शहरों और राज्यों से अयोध्या पहुंचते हैं। अगर आप भी आने वाले दिनों में रामलला के दर्शन करने का कार्यक्रम बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले नई समय-सारणी जान लेना जरूरी है। इससे आपको दर्शन के लिए सही समय चुनने और आरती में शामिल होने की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
1 नवंबर से लागू होगी राम मंदिर की नई समय-सारणी
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में ऋतु परिवर्तन के चलते भगवान रामलला की दैनिक पूजा और दर्शन व्यवस्था में संशोधन किया गया है। मंदिर प्रशासन की ओर से घोषित नई व्यवस्था के तहत सुबह मंदिर खुलने से लेकर रात में पट बंद होने तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का समय निर्धारित किया गया है।
नई व्यवस्था में सुबह की मंगला आरती, श्रृंगार आरती, बालभोग, राजभोग, दोपहर के विश्राम, संध्या आरती और शयन आरती के समय में बदलाव किया गया है। इसका उद्देश्य भगवान की दैनिक पूजा-पद्धति को मौसम के अनुसार व्यवस्थित करना है।
पहले मंदिर के पट सुबह 3:45 बजे खुलते थे, जबकि रात 10:30 बजे बंद होते थे। अब सुबह पट खुलने का समय 4 बजे और रात में बंद होने का समय 10 बजे निर्धारित किया गया है। इसी तरह श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह 7 बजे से शुरू होंगे।
राम मंदिर की नई टाइमिंग: किस समय होगी कौन-सी आरती?
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रामलला की पूजा, भोग और दर्शन की नई समय-सारणी को समझना जरूरी है। दिनभर में कुछ समय ऐसे भी होंगे, जब विशेष पूजा या भोग के कारण मंदिर के पट अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।
| धार्मिक कार्यक्रम | नई समय-सारणी |
| मंदिर के पट खुलना | सुबह 4:00 बजे |
| मंगला आरती | सुबह 4:30 से 4:40 बजे |
| श्रृंगार आरती | सुबह 6:30 बजे |
| श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू | सुबह 7:00 बजे |
| बालभोग | सुबह 8:00 से 8:10 बजे |
| राजभोग के लिए पट बंद | सुबह 11:30 से दोपहर 12:00 बजे |
| राजभोग आरती | दोपहर 12:00 बजे |
| रामलला का विश्राम | दोपहर 12:30 से 1:30 बजे |
| दर्शन दोबारा शुरू | दोपहर 1:35 बजे |
| शाम का बालभोग | शाम 4:00 से 4:10 बजे |
| संध्या आरती | शाम 7:00 बजे |
| शयन आरती | रात 9:30 बजे |
| मंदिर के पट बंद | रात 10:00 बजे |
सुबह 4 बजे खुलेंगे मंदिर के पट, 4:30 बजे होगी मंगला आरती
नई समय-सारणी के अनुसार, 1 नवंबर से राम मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलेंगे। इसके बाद सुबह 4:30 बजे से 4:40 बजे तक मंगला आरती होगी। मंगला आरती को भगवान की दिनचर्या की पहली प्रमुख आरती माना जाता है।
आरती संपन्न होने के बाद सुबह 4:40 बजे से 6:30 बजे तक मंदिर के पट अभिषेक, श्रृंगार, धूप-दीप और नैवेद्य जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बंद रहेंगे। सुबह 6:30 बजे श्रृंगार आरती आयोजित की जाएगी।
इसके बाद सुबह 7 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन शुरू होंगे। जो भक्त सुबह-सुबह दर्शन करना चाहते हैं, उन्हें इसी समय के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए। हालांकि, मंदिर में प्रवेश की प्रक्रिया और भीड़ के अनुसार दर्शन में लगने वाला समय अलग-अलग हो सकता है।
बालभोग और राजभोग के समय भी हुआ बदलाव
राम मंदिर में भगवान रामलला को दिन में अलग-अलग समय पर भोग अर्पित किया जाता है। नई व्यवस्था में सुबह 8 बजे से 8:10 बजे तक बालभोग के लिए पट बंद रहेंगे। इसके बाद दर्शन फिर से जारी होंगे और सुबह 11:30 बजे तक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर सकेंगे।
सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक राजभोग की तैयारी और भोग अर्पित करने की प्रक्रिया के लिए पट बंद रहेंगे। दोपहर 12 बजे राजभोग आरती होगी।
इस दौरान श्रद्धालुओं को ध्यान रखना होगा कि दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने का समय धार्मिक अनुष्ठानों के अनुसार तय करें। यदि कोई भक्त विशेष रूप से सुबह या दोपहर में दर्शन करने की योजना बना रहा है, तो उसे बीच में होने वाले इन विरामों की जानकारी पहले से होनी चाहिए।
दोपहर में एक घंटे तक विश्राम करेंगे रामलला
नई समय-सारणी में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक रामलला के दोपहर के विश्राम का समय है। अब दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक विश्राम निर्धारित किया गया है।
इस अवधि में मंदिर में नियमित दर्शन उपलब्ध नहीं होंगे। विश्राम के बाद पुजारियों की ओर से निर्धारित धार्मिक प्रक्रिया और अल्पभोग की व्यवस्था पूरी की जाएगी। इसके बाद दोपहर 1:35 बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन दोबारा शुरू होंगे।
जो लोग दोपहर में अयोध्या पहुंचते हैं, उनके लिए इस समय का ध्यान रखना जरूरी है। मंदिर के आसपास पहुंचने के बाद दर्शन शुरू होने का इंतजार करने के बजाय श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना इस तरह बना सकते हैं कि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।
शाम 7 बजे होगी संध्या आरती, रात 9:30 बजे शयन आरती
राम मंदिर की नई समय-सारणी में शाम और रात की धार्मिक गतिविधियों के समय भी बदलाव किया गया है। शाम 4 बजे से 4:10 बजे तक बालभोग के लिए मंदिर के पट बंद रहेंगे। इसके बाद शाम 6:45 बजे तक दर्शन किए जा सकेंगे।
शाम 6:45 बजे से 7 बजे तक धूप-दीप और नैवेद्य की प्रक्रिया के लिए पट बंद रहेंगे। इसके बाद शाम 7 बजे संध्या आरती होगी।
रात में भी विशेष पूजा और भोग के लिए दो निर्धारित विराम रखे गए हैं। पहला विराम रात 8 बजे से 8:30 बजे तक और दूसरा रात 9:15 बजे से 9:30 बजे तक रहेगा। रात 9:30 बजे रामलला की शयन आरती होगी और इसके बाद रात 10 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।
सर्दियों में क्यों बदली जाती है मंदिर की दिनचर्या?
भारत के अनेक मंदिरों में मौसम और ऋतु के अनुसार पूजा-पाठ की समय-सारणी में बदलाव किया जाता है। इसके पीछे धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ भगवान की दैनिक दिनचर्या से जुड़ी मान्यताएं भी होती हैं।
अयोध्या के राम मंदिर में भी ऋतु परिवर्तन के मद्देनजर पूजा, भोग, विश्राम और दर्शन के समय को संशोधित किया गया है। सर्दियों के मौसम में सुबह और रात के तापमान में गिरावट आने लगती है। ऐसे में मंदिर की दैनिक व्यवस्था को मौसम के अनुसार निर्धारित किया जाता है।
इस बदलाव में मंगला आरती का समय सुबह 4 बजे से बढ़ाकर 4:30 बजे करना, आम दर्शन सुबह 7 बजे से शुरू करना और शयन आरती रात 9:30 बजे आयोजित करना शामिल है। इसके अलावा, दोपहर के विश्राम की अवधि भी बढ़ाई गई है।
रामलला के दर्शन करने जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप नवंबर में अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
- समय-सारणी पहले देख लें: 1 नवंबर 2026 से नई व्यवस्था लागू होगी, इसलिए पुराने समय के आधार पर यात्रा की योजना न बनाएं।
- सुबह के दर्शन के लिए समय से पहुंचें: आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह 7 बजे से शुरू होंगे।
- दोपहर के विश्राम का ध्यान रखें: दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक नियमित दर्शन नहीं होंगे और दर्शन दोबारा 1:35 बजे से शुरू होंगे।
- आरती में शामिल होने की जानकारी लें: विशेष आरतियों के लिए प्रवेश संबंधी नियम या पास की आवश्यकता हो सकती है। यात्रा से पहले मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक सूचना जरूर देखें।
- त्योहारों और भीड़ को ध्यान में रखें: छुट्टियों और धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखना बेहतर होगा।
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाली नई समय-सारणी के तहत रामलला की पूजा, आरती, भोग, विश्राम और दर्शन की व्यवस्था बदली जाएगी। अब मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलेंगे, मंगला आरती सुबह 4:30 बजे होगी और आम श्रद्धालु सुबह 7 बजे से दर्शन कर सकेंगे। दोपहर में एक घंटे के विश्राम के बाद दर्शन 1:35 बजे दोबारा शुरू होंगे। वहीं, रात 9:30 बजे शयन आरती और 10 बजे मंदिर के पट बंद होंगे।
श्रद्धालुओं के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि अयोध्या पहुंचने से पहले नई समय-सारणी की जानकारी अवश्य लें। इससे रामलला के दर्शन की योजना बनाने और पूजा के निर्धारित समय के अनुसार अपनी यात्रा व्यवस्थित करने में आसानी होगी।