Stock Market Crash: शेयर बाजार में भारी गिरावट, Sensex 1247 अंक टूटा; निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा डूबे

भारतीय शेयर बाजार के लिए 24 सितंबर 2026 का कारोबारी दिन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। कारोबार शुरू होने से लेकर बाजार बंद होने तक सेंसेक्स और निफ्टी पर बिकवाली का दबाव बना रहा। दिन के अंत में BSE Sensex 1,247 अंक यानी 1.67% की गिरावट के साथ 73,580.54 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 करीब 1.64% टूटकर 23,063.10 के स्तर पर पहुंच गया।
इस गिरावट का सीधा असर शेयर बाजार के कुल मार्केट कैप पर पड़ा। BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक कारोबारी दिन में करीब ₹4,02,173 करोड़ घट गया।
Sensex और Nifty में दिनभर जारी रही गिरावट
गुरुवार को Sensex अपने पिछले बंद स्तर 74,828 के मुकाबले गिरावट के साथ 74,272 पर खुला। इसके बाद बाजार में बिकवाली बढ़ती गई और कारोबारी सत्र के अंत तक सेंसेक्स 73,580.54 पर आ गया। इस तरह इंडेक्स में 1,247 अंक की गिरावट दर्ज हुई।
दूसरी तरफ Nifty 50 भी दबाव में रहा। बुधवार को 23,446 पर बंद हुआ निफ्टी गुरुवार को 23,221 पर खुला और अंत में 23,063.10 पर बंद हुआ। यानी निफ्टी में करीब 383 अंक की गिरावट रही।
निवेशकों के ₹4 लाख करोड़ से ज्यादा घटे
Stock Market Crash का सबसे बड़ा असर बाजार के कुल मूल्य पर दिखाई दिया। पिछले कारोबारी दिन BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹4,85,01,353.85 करोड़ था। गुरुवार की गिरावट के बाद यह घटकर करीब ₹4,80,99,180.54 करोड़ रह गया।
इस हिसाब से एक ही कारोबारी सत्र में बाजार पूंजीकरण में लगभग ₹4,02,173 करोड़ की कमी आई।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि मार्केट कैप में इतनी गिरावट का मतलब यह नहीं है कि इतनी रकम सभी निवेशकों ने नकद रूप में गंवा दी। यह कंपनियों के शेयरों के बाजार मूल्य में आई कमी को दर्शाता है।
कई बड़े शेयरों में भी भारी बिकवाली
गुरुवार को केवल प्रमुख इंडेक्स ही नहीं, बल्कि कई बड़े और मिडकैप शेयर भी दबाव में रहे। रिपोर्ट के मुताबिक Policybazaar में करीब 35.98% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा MFSL में 9.81%, AU Bank में 4.95% और IDFC First Bank में 4.70% की गिरावट रही।
स्मॉलकैप शेयरों में Ujjivan Small Finance Bank, STL Tech, PNB Housing और Welspun Corp भी गिरावट के साथ बंद हुए।
लार्जकैप शेयरों की बात करें तो Bajaj Finance, Axis Bank, Bajaj Finserv, IndiGo, Trent, M&M और Reliance Industries में भी कमजोरी देखने को मिली।
बाजार पहले से ही दबाव में था
गुरुवार की तेज गिरावट अचानक बने माहौल का अकेला उदाहरण नहीं थी। इससे पहले भारतीय शेयर बाजार लगातार कई सत्रों से दबाव में रहा है। Reuters की 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, उस सप्ताह Sensex और Nifty ने लगातार छठी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की थी, जो 2020 के बाद सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट की श्रृंखला थी। उस समय ऊंची कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक ब्याज दरों की चिंता और विदेशी निवेश से जुड़े दबाव बाजार के प्रमुख मुद्दों में शामिल थे।
22 सितंबर को भी IT शेयरों की कमजोरी और विदेशी पूंजी के बहिर्वाह के बीच Sensex और Nifty गिरावट के साथ बंद हुए थे। Reuters ने उस समय वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता और तेल की कीमतों को भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारकों में गिना था।
आगे बाजार की नजर किन संकेतों पर रहेगी?
अब निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों पर रहेगी। बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन जैसे कई कारक महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि, एक दिन की तेज गिरावट के आधार पर बाजार की आगे की दिशा तय करना सही नहीं होगा। शेयर बाजार में रोजाना उतार-चढ़ाव होता है और अलग-अलग सेक्टर तथा कंपनियां व्यापक इंडेक्स से अलग प्रदर्शन कर सकती हैं।
24 सितंबर के कारोबार ने फिलहाल निवेशकों को बाजार में मौजूद जोखिम और अस्थिरता की याद दिलाई है। Sensex के 73,600 के नीचे और Nifty के 23,100 के नीचे बंद होने के बाद अब अगले कारोबारी सत्र में बाजार किस दिशा में जाता है, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।