यूपी अब माफिया, कर्फ्यू और उपद्रव मुक्त: भदोही में CM योगी का बड़ा दावा, 1,340 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

भदोही: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 4 अक्टूबर को भदोही में कानून-व्यवस्था, विकास और रोजगार को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब माफिया, कर्फ्यू और उपद्रव से मुक्त होकर विकास और उत्सव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में आए बदलाव का असर निवेश, कारोबार और रोजगार के अवसरों पर भी दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री भदोही में 1,340 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 112 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने भी 4 अक्टूबर को इन 112 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास की आधिकारिक पुष्टि की है। कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, आवास की चाबी, कृषि उपकरण और नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए।
कानून-व्यवस्था को लेकर योगी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
भदोही की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपनी सरकार के कार्यकाल में हुए बदलाव का दावा किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कोई माफिया खुलेआम हथियार लहराकर लोगों को धमका नहीं सकता और न ही बेटी तथा व्यापारी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को निवेश और रोजगार के लिए जरूरी बताते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल बनने से आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान विकास के बजाय परिवारवाद, तुष्टीकरण और अराजकता को प्राथमिकता मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार का फोकस युवा, महिला, किसान, कारीगर और व्यापारी पर है।
हालांकि, मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप और उपलब्धियों के दावे सरकार के पक्ष को प्रस्तुत करते हैं। ऐसे दावों का मूल्यांकन करते समय सरकारी आंकड़ों के साथ स्वतंत्र आंकड़ों और विपक्ष के पक्ष को भी अलग-अलग देखना जरूरी है।
भदोही को 1,340 करोड़ रुपये की 112 परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री के भदोही दौरे का सबसे बड़ा हिस्सा विकास परियोजनाओं से जुड़ा रहा। सरकार के अनुसार, भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी 112 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इनकी कुल लागत 1,340 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी सहायता प्रदान की गई। इनमें कालीन व्यवसाय के लिए ऋण, युवा उद्यमियों के लिए वित्तीय सहायता, खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी योजनाओं का लाभ, आवास योजना के तहत चाबी, कृषि यंत्रीकरण के तहत उपकरण और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र शामिल रहे।
सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कालीन उद्योग पर मुख्यमंत्री का विशेष फोकस
भदोही की पहचान देश और दुनिया में उसके कालीन उद्योग से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे के दौरान इसी उद्योग को नई तकनीक, बाजार और निवेश से जोड़ने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने भदोही में इंडिया कार्पेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का भी उद्घाटन किया। उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी 4 अक्टूबर को इंडिया कार्पेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण के शुभारंभ का उल्लेख है।
योगी ने कहा कि कालीन उद्योग से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को आधुनिक बाजार के साथ जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भदोही की पारंपरिक पहचान को वैश्विक बाजार में और मजबूत करने के लिए तकनीक, डिजाइन, बाजार और बेहतर कनेक्टिविटी पर काम किया जा रहा है।
वाराणसी-भदोही-मिर्जापुर को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित करने की योजना
मुख्यमंत्री ने वाराणसी, भदोही और मिर्जापुर को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इस क्षेत्र में कालीन, रेशम और हस्तशिल्प से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सिल्क क्लस्टर से लगभग 6,100 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है और इसमें वाराणसी, भदोही तथा मिर्जापुर क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है। उन्होंने यह भी कहा कि वाराणसी-विंध्य क्षेत्रीय विकास योजना को जल्द लागू किया जाएगा।
यह योजना खासतौर पर उन कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जिनकी आय पारंपरिक हस्तशिल्प और बुनकरी से जुड़ी हुई है।
भदोही के युवाओं के लिए विश्वविद्यालय की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा से जुड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि जिले के काशी नरेश पीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में उच्च शिक्षा की बेहतर पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार अब भदोही के युवाओं की डिग्री पर काशी नरेश विश्वविद्यालय, संत रविदास नगर भदोही की पहचान होगी। इससे पहले राज्य के बजट और कानूनी प्रक्रिया में भी काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही की स्थापना का प्रावधान सामने आ चुका है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट भी इसे भदोही स्थित विश्वविद्यालय के रूप में सूचीबद्ध करती है।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि विश्वविद्यालय के औपचारिक लोकार्पण के दौरान इसके लोगो, कुलगीत, थीम गीत और नए भवन से जुड़े कामों को आगे बढ़ाया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी आगे बढ़ने का दावा
भदोही के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी काम आगे बढ़ने की बात कही। रिपोर्टों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विश्वविद्यालय के बाद अब भदोही में मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
अगर यह परियोजना आगे बढ़ती है तो इससे जिले और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिलने के साथ मेडिकल शिक्षा के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में निवेश की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हो चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये से स्थापित होने वाले उद्योग जल्द ही जमीन पर दिखाई देंगे। मुख्यमंत्री ने निवेश को रोजगार से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर माहौल बनने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मौजूद करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रत्येक इकाई को पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर दिया जा रहा है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
भदोही के कालीन उद्योग में महिलाओं की बड़ी भूमिका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके लिए स्थान सुनिश्चित करने की बात कही।
मुख्यमंत्री का कहना था कि कालीन उद्योग में बड़ी संख्या में महिलाएं उद्यमी और कर्मचारी के रूप में काम करती हैं, लेकिन संस्थागत स्तर पर उनकी भागीदारी को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।
भदोही के नाम को लेकर भी बड़ा ऐलान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एक बार फिर जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से संबोधित किया। इससे पहले गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भदोही का नाम संत रविदास नगर किए जाने की घोषणा सामने आई थी। इस बार मुख्यमंत्री ने ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम का इस्तेमाल किया।
भदोही की पहचान कालीन उद्योग के साथ-साथ संत रविदास की सामाजिक विरासत से जोड़ने की सरकार की कोशिश को इस घोषणा के साथ देखा जा रहा है।
रोजगार और युवाओं पर भी बड़ा दावा
मुख्यमंत्री ने युवाओं को सरकारी रोजगार देने के मुद्दे पर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है और अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
सरकार का कहना है कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं निजी क्षेत्र में रोजगार पैदा करने के लिए निवेश और एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।
क्या है भदोही दौरे का बड़ा संदेश?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भदोही दौरा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहा। यहां कानून-व्यवस्था, निवेश, रोजगार, कालीन उद्योग, महिला उद्यमिता और उच्च शिक्षा को एक साथ सरकार की विकास नीति के हिस्से के रूप में पेश किया गया।
एक तरफ 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 परियोजनाओं की सौगात दी गई, वहीं दूसरी तरफ कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने और वाराणसी-भदोही-मिर्जापुर को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित करने की बात कही गई। इसके अलावा काशी नरेश विश्वविद्यालय और प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर भी जिले के युवाओं और आम लोगों के लिए भविष्य की तस्वीर पेश की गई।
कुल मिलाकर, भदोही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश साफ तौर पर ‘कानून-व्यवस्था + विकास + निवेश + रोजगार’ के मॉडल के इर्द-गिर्द रहा। अब इन घोषणाओं और परियोजनाओं का स्थानीय स्तर पर कितना असर दिखाई देता है, यह आने वाले समय में इन दावों की वास्तविक सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना होगा।